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Cognizant Layoffs: 'प्रोजेक्ट लीप' के तहत 15,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है कॉग्निजेंट; भारत पर होगा बड़ा असर

आईटी दिग्गज कॉग्निजेंट अपने नए 'प्रोजेक्ट लीप' पहल के तहत वैश्विक स्तर पर 15,000 तक नौकरियों में कटौती करने पर विचार कर रही है. इस पुनर्गठन का सबसे अधिक प्रभाव भारत पर पड़ने की संभावना है, जहाँ कंपनी का एक बड़ा कार्यबल मौजूद है.

Cognizant Layoffs: 'प्रोजेक्ट लीप' के तहत 15,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है कॉग्निजेंट; भारत पर होगा बड़ा असर
कॉग्निजेंट छंटनी (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली, 5 मई: आईटी सेवा क्षेत्र (IT Services Sector) की दिग्गज कंपनी कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस (Cognizant Technology Solutions) एक बड़े स्तर पर कार्यबल में कटौती करने की योजना बना रही है. रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी अपने परिचालन मॉडल को आधुनिक बनाने के लिए 'प्रोजेक्ट लीप' (Project Leap) नामक एक आंतरिक पहल के तहत वैश्विक स्तर पर 12,000 से 15,000 कर्मचारियों की छंटनी (Layoff) कर सकती है. इस पुनर्गठन का एक बड़ा हिस्सा भारत में होने की संभावना है, जो कंपनी के वैश्विक परिचालन का मुख्य केंद्र है. यह भी पढ़ें: Meta Layoffs 2026: AI बना टेक इंडस्ट्री में बड़ी चुनौती, मेटा में 8,000 कर्मचारियों की फिर छंटनी की तैयारी; सेक्टर में मचा हड़कंप

'प्रोजेक्ट लीप' और छंटनी का आधार

कॉग्निजेंट ने इस संगठनात्मक बदलाव के लिए 'प्रोजेक्ट लीप' की शुरुआत की है. कंपनी ने हाल ही में साझा किया कि इस पुनर्गठन प्रक्रिया के कारण उसे लगभग 230 मिलियन डॉलर से 320 मिलियन डॉलर के बीच सेवरेंस (छंटनी मुआवजा) खर्च उठाना पड़ सकता है. हालांकि कंपनी ने अभी तक छंटनी के सटीक आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन ये वित्तीय अनुमान एक बड़े बदलाव की ओर संकेत करते हैं.

भारत पर पड़ेगा सबसे अधिक प्रभाव

कॉग्निजेंट के पास वर्तमान में वैश्विक स्तर पर 3,57,000 से अधिक कर्मचारी हैं, जिनमें से 2,50,000 से अधिक अकेले भारत में कार्यरत हैं, उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि कार्यबल के इस बड़े आधार के कारण, छंटनी का सबसे बड़ा असर भारतीय कर्मचारियों पर पड़ सकता है. कंपनी के सीईओ रवि कुमार एस ने स्पष्ट किया है कि यह वैश्विक परिवर्तन कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दक्षता में सुधार करना है.

आईटी कार्यबल संरचना में बदलाव

यह संभावित छंटनी आईटी क्षेत्र में आ रहे व्यापक बदलावों का प्रतिबिंब है. पारंपरिक "पिरामिड मॉडल", जहाँ वरिष्ठों की सहायता के लिए कनिष्ठ कर्मचारियों (जूनियर्स) की एक बड़ी संख्या होती थी, अब बदला जा रहा है. कॉग्निजेंट अब एक "छोटे और व्यापक पिरामिड" ढांचे की ओर बढ़ रही है, जहाँ मानवीय प्रतिभा को डिजिटल उपकरणों और ऑटोमेशन के साथ जोड़ा जाएगा. यह भी पढ़ें: Zoho Layoffs News: जोहो में 300 कर्मचारियों की छंटनी की खबरों पर कंपनी की सफाई, रिपोर्ट्स को किया खारिज

ऑटोमेशन और एआई की बढ़ती भूमिका

आईटी क्षेत्र में क्लाइंट अब दक्षता और ऑटोमेशन पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे बड़ी टीमों पर निर्भरता कम हो रही है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता उपयोग और वैश्विक स्तर पर क्लाइंट खर्च में आई कमी ने कंपनियों को अपनी भर्ती और प्रशिक्षण मॉडल पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है. कॉग्निजेंट के साथ-साथ अन्य आईटी कंपनियां भी बदलती व्यावसायिक जरूरतों और लागत के दबाव के अनुसार अपने स्टाफिंग मॉडल को समायोजित कर रही हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2026 06:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).