Maharashtra Issues Warning: महाराष्ट्र सरकार ने फलों को कृत्रिम रूप से पकाने और सब्जियों व अनाज की चमक बढ़ाने के लिए हानिकारक रसायनों का उपयोग करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है. राज्य के विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने शनिवार को स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. सरकार को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है, जिनमें कहा गया है कि कुछ व्यापारी अधिक लाभ कमाने के लिए कृषि उत्पादों में घातक पदार्थों का मिश्रण कर रहे हैं.
गुणवत्ता और सुरक्षा पर सरकार का जोर
विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि किसानों द्वारा उगाई गई गुणवत्तापूर्ण कृषि उपज उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और अच्छी स्थिति में पहुंचनी चाहिए. उन्होंने कहा, "हमें ऐसी शिकायतें मिली हैं कि कुछ व्यापारी फलों की मिठास बढ़ाने, उन्हें जल्दी पकाने और अनाज को अधिक आकर्षक बनाने के लिए खतरनाक रसायनों का उपयोग कर रहे हैं. यह न केवल अनैतिक है बल्कि स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक भी है." यह भी पढ़े: MHADA Mill Worker Lottery: महाराष्ट्र सरकार के निर्देशों के बावजूद म्हाडा की गिरणी कामगारों के 2,521 घरों की लॉटरी में देरी, वर्कर्स में नाराजगी बढ़ी
नियमित निरीक्षण के निर्देश जारी
इन प्रथाओं पर अंकुश लगाने के लिए विपणन निदेशालय ने राज्य की सभी कृषि उपज मंडी समितियों (APMCs), निजी बाजार समितियों और प्रत्यक्ष विपणन लाइसेंस धारकों को एक सर्कुलर जारी किया है. इस निर्देश के तहत अधिकारियों को मंडियों में नियमित निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है. संदिग्ध मिलावट के मामलों को 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006' के तहत कार्रवाई के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को भेजा जाएगा.
लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी
मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जो व्यापारी हानिकारक रसायनों के उपयोग के दोषी पाए जाएंगे, उनके लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि फल और सब्जियां अपने प्राकृतिक रूप में ही लोगों तक पहुंचें.
पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा
रसायनों के अलावा, सरकार ने भंडारण और परिवहन के तरीकों में भी बदलाव के निर्देश दिए हैं. व्यापारियों को फलों, सब्जियों और अनाज के भंडारण के लिए पतले प्लास्टिक और थर्माकोल के उपयोग से बचने के लिए कहा गया है. सरकार ने इसके बजाय पर्यावरण के अनुकूल (Environment-friendly) विकल्पों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके और उत्पादों की गुणवत्ता बनी रहे.
यह कदम महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और आम जनता को मिलावट मुक्त आहार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.











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