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MHADA Mill Worker Lottery: महाराष्ट्र सरकार के निर्देशों के बावजूद म्हाडा की गिरणी कामगारों के 2,521 घरों की लॉटरी में देरी, वर्कर्स में नाराजगी बढ़ी

मुंबई के गिरणी कामगारों के लिए पनवेल-कोन क्षेत्र में निर्माणाधीन 2,521 घरों की लॉटरी प्रक्रिया में देरी होने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि आवास विभाग ने म्हाडा (MHADA) को इस संबंध में जल्द कदम उठाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक म्हाडा प्रशासन की ओर से कोई ठोस तारीख तय नहीं की गई है.

MHADA Mill Worker Lottery: महाराष्ट्र सरकार के निर्देशों के बावजूद म्हाडा की गिरणी कामगारों के 2,521 घरों की लॉटरी में देरी, वर्कर्स में नाराजगी बढ़ी
(Photo Credis WC)

MHADA Mill Worker Lottery: मुंबई के गिरणी कामगारों के लिए पनवेल-कोन क्षेत्र में निर्माणाधीन 2,521 घरों की लॉटरी प्रक्रिया में देरी होने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि आवास विभाग ने म्हाडा (MHADA) को इस संबंध में जल्द कदम उठाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक म्हाडा प्रशासन की ओर से कोई ठोस तारीख तय नहीं की गई है. इस प्रशासनिक सुस्ती के कारण अपने घरों का इंतजार कर रहे हजारों गिरणी कामगारों और उनके वारिसों में असंतोष बढ़ता जा रहा है.

सरकार के निर्देश और वर्तमान स्थिति

गौरतलब है कि 13 मार्च को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन घरों के आवंटन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई थी. इसके बाद 6 अप्रैल को जारी बैठक के मिनट्स (इतिवृत्त) में स्पष्ट रूप से रायगढ़ जिले के पनवेल-कोन स्थित 2,521 घरों की लॉटरी निकालने का निर्देश म्हाडा को दिया गया था. निर्देशों के अनुसार, MMRDA को इन घरों की मरम्मत का काम करना था और इसी दौरान म्हाडा को लॉटरी की प्रक्रिया शुरू करनी थी.

कामगार संगठनों की मांग

'गिरणी कामगार तरुण स्वराज्य संगठन' के अध्यक्ष तेजस कुंभार ने इस देरी पर चिंता व्यक्त की है. उनका कहना है कि सरकार के निर्णय केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए. संगठन की मांग है कि न्यू ग्रेट मिल और बॉम्बे डाइंग जैसी मिलों की जमीनों पर बने घरों की लॉटरी तत्काल घोषित की जाए. इसके साथ ही, जो कामगार मुंबई में ही घर चाहते हैं, उनके लिए एक स्वतंत्र कार्ययोजना तैयार कर मुंबई में आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाना चाहिए.

म्हाडा की ओर से प्रतिसाद का अभाव

लॉटरी की जानकारी पाने के लिए गिरणी कामगारों के वारिस लगातार म्हाडा के मुंबई बोर्ड के चक्कर काट रहे हैं. हालांकि, बोर्ड के अधिकारियों की ओर से उन्हें अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है. आवेदकों का कहना है कि सूचना के अभाव में वे असमंजस की स्थिति में हैं कि आवेदन प्रक्रिया कब और कैसे शुरू होगी.

भविष्य की योजनाएं और आवास विभाग के अन्य निर्देश

  • आवास विभाग ने भविष्य में गिरणी कामगारों के लिए घर उपलब्ध कराने हेतु कई अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए हैं:
  • NTC मिलों की जमीन: नेशनल टेक्सटाइल कॉरपोरेशन (NTC) की छह मिलों की जमीनों पर घर बनाने की संभावनाओं की जांच करना.
  • खटाव मिल: बोरीवली स्थित खटाव मिल और अन्य उपलब्ध भूखंडों पर आवास परियोजनाओं का निरीक्षण करना.
  • टाटा और नायगाँव मिल: टाटा मिल और नायगाँव मिल की जमीनों पर निर्माण क्षमता की जांच करना.
  • स्वदेशी मिल: स्वदेशी मिल की जमीन पर 'ना लाभ ना हानि' के आधार पर घर देने के प्रस्ताव पर विचार करना.

प्रशासनिक स्तर पर इन प्रस्तावों पर जांच जारी है, लेकिन वर्तमान में पनवेल-कोन के 2,521 घरों की लॉटरी ही प्राथमिकता में है, जिसमें हो रही देरी ने कामगारों की चिंता बढ़ा दी है. अब सबकी नजरें म्हाडा के अगले आधिकारिक कदम पर टिकी हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2026 03:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).