मुंबई, 11 मई: मुंबई (Mumbai), ठाणे (Thane) और पुणे (Pune) जैसे शहरों में म्हाडा (Mhada) के घरों को 'महंगा' बताने वाले आम आवेदकों की शिकायतों पर अब प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है. म्हाडा (MHADA) ने अपनी छवि सुधारने और घरों को वहनीय (Affordable) बनाने के लिए कीमतों को तय करने वाले अतिरिक्त खर्चों में कटौती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस कदम से आने वाले समय में म्हाडा के फ्लैटों की कीमतों में 8 से 10 प्रतिशत तक की कमी आने की उम्मीद है. यह भी पढ़ें: MHADA Lottery 2026: मुंबई में 2,640 किफायती घरों के लिए 30,000 से अधिक आवेदन; आवेदन की तिथि बढ़ी
कीमतें घटाने का नया फॉर्मूला
अब तक म्हाडा घरों की कीमत तय करते समय जमीन की लागत और निर्माण खर्च के साथ-साथ 5% प्रशासनिक खर्च, 5% आकस्मिक खर्च, निर्माण के दौरान संभावित मूल्य वृद्धि के लिए 5% अतिरिक्त भार और 10% लाभ (प्रॉफिट) को शामिल करता था.
म्हाडा के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल वानखेड़े के अनुसार, अब प्रशासन केवल 'वास्तविक खर्च' को ही आधार बनाने पर विचार कर रहा है. इसके तहत एमआईजी (MIG) श्रेणी के घरों पर लगाए जाने वाले 10% मुनाफे को भी कम करने पर विचार चल रहा है.
इन अतिरिक्त खर्चों पर चलेगी कैंची
प्रशासन ने उन घटकों की पहचान की है जो घरों की लागत को बेवजह बढ़ाते हैं:
- प्रशासकीय खर्च: वर्तमान में हर प्रोजेक्ट पर 5% प्रशासनिक खर्च लगाया जाता है. अब इसे वास्तविक काम के आधार पर विभाजित कर न्यूनतम करने का प्रयास है.
- आकस्मिक खर्च: भविष्य में 5% आकस्मिक खर्च तभी लगाया जाएगा जब वह वास्तव में हुआ हो.
- निर्माण सामग्री की दर: सीमेंट और लोहे की कीमतों में वृद्धि न होने पर भी जो 5% की अग्रिम बढ़ोतरी मान ली जाती थी, उसे अब हटा दिया जाएगा. यह भी पढ़ें: MHADA Mumbai Lottery 2026: मुंबई में घर का सपना होगा साकार! 2640 घरों के लिए आवेदन का आज दूसरा दिन, जानें कैसे करें एप्लिकेशन
निर्माण डिजाइन में बदलाव से कम होगी लागत
अधिकारियों ने पाया कि इमारतों में सीढ़ियां, गैलरी, रैंप, पार्किंग और गार्डन के लिए छोड़ी जाने वाली अतिरिक्त जगह का सीधा भार 'कार्पेट एरिया' की कीमत पर पड़ता है. इससे प्रति वर्ग फुट की लागत बढ़ जाती है. म्हाडा अब ऐसे डिजाइन पर ध्यान केंद्रित करेगा जिससे इन सुविधाओं का बोझ आम खरीदार की जेब पर कम से कम पड़े.
यह नया निर्णय वर्तमान में निर्माणाधीन परियोजनाओं और भविष्य में आने वाली लॉटरी के घरों पर लागू किया जाएगा. वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस नीतिगत बदलाव से मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों का मुंबई में घर खरीदने का सपना सच हो सकेगा.













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