Zoho Layoffs News: जोहो में 300 कर्मचारियों की छंटनी की खबरों पर कंपनी की सफाई, रिपोर्ट्स को किया खारिज
वैश्विक सॉफ्टवेयर कंपनी 'जोहो कॉर्प' (Zoho Corp) ने उन मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया दावों का सिरे से खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है.
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Zoho Layoffs News: वैश्विक सॉफ्टवेयर कंपनी 'जोहो कॉर्प' (Zoho Corp) ने उन मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया दावों का सिरे से खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. यह विवाद तब शुरू हुआ जब 'ब्लाइंड' (Blind) नामक एक अज्ञात पेशेवर नेटवर्क पर एक उपयोगकर्ता ने दावा किया कि उसे जोहो से अचानक निकाल दिया गया है। जोहो ने इन दावों को गलत बताते हुए स्पष्ट किया है कि उसकी तीन दशकों पुरानी 'नो-लेऑफ' (छंटनी न करने) की नीति बरकरार है.
क्या है पूरा मामला और क्या है सच्चाई?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए पोस्ट में एक व्यक्ति ने दावा किया कि वह उन 300 प्रशिक्षुओं (Trainees) में से एक है, जिन्हें कंपनी ने अचानक नौकरी से निकाल दिया है। इस पोस्ट के बाद तकनीकी जगत में हड़कंप मच गया, क्योंकि जोहो को आर्थिक मंदी के दौर में भी अपने कर्मचारियों की स्थिरता के लिए जाना जाता है. यह भी पढ़े: Disney Layoffs: वॉल्ट डिज़्नी करीब 1,000 कर्मचारियों की करेगी छंटनी, मार्केटिंग विभाग पर सबसे ज्यादा असर
इन आरोपों का जवाब देते हुए जोहो के 'एसोसिएट डायरेक्टर ऑफ टैलेंट एक्विजिशन एंड ग्लोबल एचआर ऑपरेशंस', मोहम्मद सोहेल ने कहा कि वायरल पोस्ट ने कंपनी के 'इंटर्नशिप प्रोग्राम' को पूर्णकालिक रोजगार (Full-time employment) के साथ भ्रमित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंटर्नशिप सीखने के अवसर होते हैं और ये किसी पूर्णकालिक भूमिका की गारंटी नहीं देते हैं.
इंटर्नशिप बनाम पूर्णकालिक रोजगार: कंपनी का पक्ष
कंपनी ने जोर देकर कहा कि जिन इंटर्न को पूर्णकालिक नौकरी का प्रस्ताव नहीं मिला, उन्हें 'लेऑफ' (छंटनी) कहना तथ्यात्मक रूप से गलत है। जोहो के अनुसार:
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प्रदर्शन पर आधारित चयन: जोहो के 2026 बैच के 30% से अधिक इंटर्न को पहले ही पूर्णकालिक नौकरी का प्रस्ताव दिया जा चुका है या उनका मूल्यांकन चल रहा है।
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सीमित कार्यकाल: इंटर्नशिप का कार्यक्रम एक निर्धारित अवधि के लिए होता है। कार्यक्रम पूरा होने के बाद, जो छात्र अवशोषित (Absorb) नहीं किए जाते, वे अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए स्वतंत्र होते हैं।
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कोई पूर्णकालिक छंटनी नहीं: कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पूर्णकालिक कर्मचारी की नौकरी नहीं गई है.
स्थिरता और जोहो की कार्य संस्कृति
जोहो के सह-संस्थापक श्रीधर वेंबू ने हमेशा से ही सिलिकॉन वैली के 'हायर और फायर' मॉडल के विपरीत, एक स्थिर और टिकाऊ कार्य संस्कृति का समर्थन किया है. कोविड-19 महामारी और हालिया एआई-संचालित बाजार बदलावों के दौरान भी जोहो ने अपनी नीति का पालन किया है.
कंपनी का कहना है कि वे हर साल हजारों प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करते हैं, जिससे वे कौशल प्राप्त कर अन्य संस्थानों में भी बेहतर अवसर पा सकें। यह विवाद प्रशिक्षण अकादमियों और कंपनी के स्थायी पेरोल के बीच स्पष्ट अंतर को समझने की आवश्यकता को रेखांकित करता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2026 10:02 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

