EPFO 3.0 New Features: अब PF खाते से सीधे UPI ट्रांसफर और बिना कार्ड के ATM से निकलेगा कैश; श्रम मंत्रालय ने पूरी की तैयारी
केंद्रीय श्रम मंत्रालय और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने 7 करोड़ से अधिक अंशधारकों के लिए 'ईपीएफओ 3.0' तकनीक-आधारित बड़ा बदलाव लागू करने जा रहे हैं। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने घोषणा की है कि नए सिस्टम का मुख्य परीक्षण पूरा हो चुका है. इसके तहत खाताधारक अपने पीएफ बैलेंस से तत्काल यूपीआई ट्रांसफर और बिना एटीएम कार्ड के सीधे कैश निकाल सकेंगे। साथ ही, नियोक्ताओं द्वारा होने वाले प्रशासनिक विलंब और सत्यापन के झंझट को भी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है.
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नई दिल्ली, 2 जून: देश के 7 करोड़ से अधिक नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि (PF) खातों के प्रबंधन को लेकर एक ऐतिहासिक और तकनीक-आधारित सुधार होने जा रहा है. केंद्रीय श्रम मंत्रालय और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही 'ईपीएफओ 3.0' (EPFO 3.0) प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने की अंतिम तैयारी में हैं. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया (Union Labour Minister Mansukh Mandaviya) ने हाल ही में घोषणा की है कि इस अपग्रेड के कोर सिस्टम का परीक्षण (Testing) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. इस नए सिस्टम का मुख्य उद्देश्य क्लेम प्रोसेसिंग (दावा निपटान) की समयसीमा को नाटकीय रूप से घटाना है. इसके लिए पीएफ बैलेंस से सीधे इंस्टेंट यूपीआई (UPI) बैंक ट्रांसफर और बिना कार्ड के सीधे एटीएम (Cardless ATM) से नकद निकासी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं. यह भी पढ़ें: PF Pension Alert: EPS-95 पेंशनधारक बिना सेंटर जाए ऐसे जमा करें लाइफ सर्टिफिकेट, जानें प्रक्रिया
UPI और बिना कार्ड के ATM से सीधे नकद निकासी की सुविधा
आगामी ईपीएफओ 3.0 ढांचे की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी विशेषता पीएफ खातों को मुख्यधारा की डिजिटल भुगतान प्रणालियों के साथ एकीकृत करना है. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के समन्वय से विकसित यह प्रणाली सदस्यों को किसी भी मानक यूपीआई एप्लिकेशन और लिंक किए गए यूपीआई पिन का उपयोग करके अपने पात्र पीएफ बैलेंस की जांच करने और अपने सीडेड (Seeded) बैंक खातों में तत्काल फंड ट्रांसफर करने की अनुमति देगी.
इसके अतिरिक्त, सिस्टम में कार्डलेस एटीएम एक्सेस की सुविधा भी जोड़ी गई है. इस तंत्र के तहत, अंशधारक सरकार के 'उमंग' (UMANG) एप्लिकेशन के माध्यम से एक सुरक्षित क्यूआर (QR) कोड जनरेट कर सकते हैं और तत्काल नकद निकासी पूरी करने के लिए इसे किसी भी अधिकृत, यूपीआई-सक्षम एटीएम पर स्कैन कर सकते हैं. भविष्य के सेवानिवृत्त लोगों के वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने के लिए, मंत्रालय ने 25 प्रतिशत के अनिवार्य प्रतिधारण (Retention) का सख्त नियम बनाया है। खाताधारकों को आवेदन की विशिष्ट प्रकृति के आधार पर अपने कुल संचित ईपीएफ कॉपर्स का 50 से 75 प्रतिशत तक ही निकालने की अनुमति होगी, जिससे दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण फंड सुरक्षित बचा रहे.
नियोक्ता (Employer) के सत्यापन का झंझट खत्म; डेटा में खुद कर सकेंगे सुधार
त्वरित भुगतान तंत्र के अलावा, 3.0 प्लेटफॉर्म पारंपरिक प्रशासनिक देरी को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाता है. मौजूदा व्यवस्था में, कर्मचारियों को मैन्युअल क्लेम प्रोसेसिंग के लिए अक्सर 7 से 20 दिनों का इंतजार करना पड़ता है, जिसमें नियोक्ता के सत्यापन और भौतिक रूप से अनुवर्ती कार्रवाई की नियमित आवश्यकता होती है.
नया आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर मैन्युअल स्वीकृतियों को पूरी तरह हटाकर एक स्वचालित स्व-सत्यापन (Automated Self-Attestation) ढांचे को लागू करेगा. आधार-आधारित ओटीपी (OTP) प्रमाणीकरण का उपयोग करके, ग्राहक स्वतंत्र रूप से विभिन्न संगठनों के बीच अपने खातों को स्थानांतरित (Transfer) कर सकते हैं और मानक निकासी के दावे शुरू कर सकते. इसके अलावा, पोर्टल सदस्यों को डिजिटल कंसोल के माध्यम से सीधे अपने बुनियादी व्यक्तिगत डेटा—जैसे नाम की वर्तनी (Spelling), लिंग और जन्म तिथि—में स्वयं सुधार (Self-Correction) करने की अनुमति देगा, जिससे गैर-जटिल संशोधनों के लिए नियोक्ता की मंजूरी की परत पूरी तरह हट जाएगी.
ऑटो-क्लेम की सीमा बढ़कर हुई 5 लाख रुपये
पूर्ण डिजिटलीकरण की दिशा में यह कदम पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान लागू किए गए प्रशासनिक बदलावों के आधार पर उठाया गया है. ईपीएफओ ने पहले ही अपने स्वचालित ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम का सफलतापूर्वक विस्तार किया है, जिसके तहत 3.52 करोड़ से अधिक दावों का निपटान किया जा चुका है. इस विस्तार में सबसे महत्वपूर्ण कारक ऑटो-सेटलमेंट लेनदेन की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 5 लाख रुपये करना था. चिकित्सा उपचार, विवाह व्यय, शिक्षा और आवास निर्माण जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए बड़ी रकम को स्वचालित रूप से क्लियर करने की अनुमति देकर, भविष्य निधि निकाय को उम्मीद है कि लगभग 95 प्रतिशत मानक वित्तीय दावों को महज 72 घंटे के भीतर निपटा लिया जाएगा. यह भी पढ़ें: EPFO 3.0: अब एटीएम और UPI से निकलेगा PF का पैसा, 1 अप्रैल 2026 से बदल जाएंगे नियम
खाताधारकों के लिए जरूरी शर्तें
अधिकारियों ने नोट किया है कि हालांकि तकनीकी परीक्षण पूरी तरह से पूरा हो चुका है, लेकिन सॉफ्टवेयर अनुकूलन (Software Optimisation) के अंतिम चरण के समाप्त होते ही यूपीआई और एटीएम सुविधाओं तक पूर्ण सार्वजनिक पहुंच पूरे भारत में लाइव कर दी जाएगी.
जब यह अपग्रेड आधिकारिक रूप से लॉन्च हो, तब निर्बाध ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने के लिए ईपीएफओ ने सभी सक्रिय अंशधारकों को कुछ प्रमुख अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने की सलाह दी है. पीएफ खातों में एक सक्रिय यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) होना चाहिए जो सत्यापित नो योर कस्टमर (KYC) दस्तावेजों से स्पष्ट रूप से लिंक हो. इन केवाईसी दस्तावेजों में एक अपडेटेड आधार कार्ड, वैधानिक कर कटौती को कम करने के लिए एक स्थायी खाता संख्या (PAN) और सटीक आईएफएससी (IFSC) विवरण के साथ एक सत्यापित बैंक खाता शामिल होना अनिवार्य है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 02, 2026 07:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

