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2 नौकरियां कर रहे हैं? जानिए EPF, UAN और PF अकाउंट को लेकर क्या कहते हैं नियम

नौकरी बदलने की स्थिति में नया UAN बनाने की जरूरत नहीं होती. नया नियोक्ता उसी UAN से नया Member ID जोड़ देता है. EPFO के पोर्टल के जरिए पुराने PF खाते की राशि और सेवा अवधि को नए खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है. इससे कर्मचारी की EPF और पेंशन संबंधी सुविधाएं लगातार जारी रहती हैं.

2 नौकरियां कर रहे हैं? जानिए EPF, UAN और PF अकाउंट को लेकर क्या कहते हैं नियम

Working 2 Jobs? Know How EPF Contributions, UAN and PF Accounts Work With Multiple Employers: अगर आप एक साथ दो कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं या दूसरी नौकरी करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके मन में यह सवाल जरूर होगा कि Employees' Provident Fund (EPF) का क्या होगा. क्या दोनों कंपनियां एक ही PF अकाउंट में योगदान कर सकती हैं? क्या नया UAN बनवाना पड़ेगा? और क्या दो नौकरियां करने पर कोई कानूनी दिक्कत हो सकती है? EPFO के नियम इन सभी सवालों का स्पष्ट जवाब देते हैं. यह भी पढ़ें: EPFO E-PRAAPTI Portal: अगस्त के अंत तक लॉन्च होगा नया पोर्टल, निष्क्रिय PF खातों में फंसा पैसा निकालना होगा आसान

EPFO के मुताबिक, यदि कोई कर्मचारी एक साथ दो या उससे अधिक संस्थानों में कार्यरत है और दोनों जगह EPF के लिए पात्र है, तो प्रत्येक नियोक्ता अलग-अलग Member ID (PF Account Number) जारी करेगा. हालांकि, इन सभी Member IDs को कर्मचारी के एक ही Universal Account Number (UAN) से लिंक किया जाएगा. यानी हर नौकरी के लिए नया UAN नहीं बनाया जाता.

क्या दो कंपनियां एक साथ PF जमा कर सकती हैं?

हाँ. यदि दोनों संस्थानों में कर्मचारी EPF के दायरे में आता है, तो दोनों नियोक्ता अपने-अपने Member ID के माध्यम से PF योगदान कर सकते हैं. दोनों PF अकाउंट एक ही UAN से जुड़े रहेंगे. EPFO के नियम एक साथ कई संस्थानों में रोजगार (Concurrent Employment) की स्थिति को मान्यता देते हैं.

हालांकि, यदि दोनों नौकरियों की अवधि एक-दूसरे से ओवरलैप करती है, तो EPFO के रिकॉर्ड में यह जानकारी सही तरीके से दर्ज होना जरूरी है ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो.

क्या नया UAN बनवाना होगा?

नहीं. UAN एक स्थायी (Permanent) नंबर होता है, जो नौकरी बदलने या दूसरी नौकरी शुरू करने पर नहीं बदलता. कर्मचारी को नई कंपनी में अपना मौजूदा UAN ही देना चाहिए, ताकि नया Member ID उसी UAN से लिंक किया जा सके.

EPF और EPS का क्या होगा?

EPFO के जनवरी 2024 के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी दो या अधिक संस्थानों में एक साथ काम कर रहा है, तो Employees' Pension Scheme (EPS) के तहत पेंशन की गणना प्रत्येक संस्थान के आधार पर लागू वेतन सीमा और नियमों के अनुसार की जाएगी.

अगर कंपनी PF नहीं दे रही है तो क्या करें?

यदि आप EPF के लिए पात्र हैं, लेकिन कंपनी PF की सुविधा नहीं दे रही है, तो सबसे पहले अपने नियोक्ता से इस बारे में शिकायत करें. यदि समस्या का समाधान नहीं होता है, तो आप अपने क्षेत्रीय Regional Provident Fund Commissioner (RPFC) से संपर्क कर सकते हैं या EPFO के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल के जरिए भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

क्या भारत में दो नौकरियां करना कानूनी है?

भारत में एक से अधिक नौकरी करना पूरी तरह अवैध नहीं है. लेकिन यह आपके Employment Contract पर निर्भर करता है. कई कंपनियां नियुक्ति पत्र में Moonlighting, Non-Compete Clause, Single Employment Policy या गोपनीयता (Confidentiality) से जुड़े नियम शामिल करती हैं. यदि कर्मचारी इन शर्तों का उल्लंघन करता है, तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है.

फैक्ट्री एक्ट क्या कहता है?

Factories Act के तहत फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए दोहरी नौकरी पर कुछ प्रतिबंध हैं. हालांकि, कई राज्यों में आईटी और अन्य क्षेत्रों को इससे छूट दी गई है. इसलिए दूसरी नौकरी शुरू करने से पहले अपने रोजगार अनुबंध और संबंधित नियमों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है.

नौकरी बदलने पर PF का क्या होता है?

नौकरी बदलने की स्थिति में नया UAN बनाने की जरूरत नहीं होती. नया नियोक्ता उसी UAN से नया Member ID जोड़ देता है. EPFO के पोर्टल के जरिए पुराने PF खाते की राशि और सेवा अवधि को नए खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है. इससे कर्मचारी की EPF और पेंशन संबंधी सुविधाएं लगातार जारी रहती हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2026 07:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).