नासिक/जयपुर, 13 मई: नीट-यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक (NEET-UG 2026 Exam Paper Leak) मामले में जांच एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है. नासिक क्राइम ब्रांच (Nashik Crime Branch) ने राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) से मिले इनपुट के आधार पर 30 वर्षीय बीएएमएस (BAMS) छात्र शुभम खैरनार (Shubham Khairnar) को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) यानी सीबीआई (CBI) ने उसे अपनी औपचारिक हिरासत में ले लिया है. यह भी पढ़ें: NEET-UG 2026 पेपर लीक: राजस्थान में एक हॉस्टल मालिक ने कैसे अनजाने में किया बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़?
कौन है शुभम खैरनार?
शुभम खैरनार मूल रूप से महाराष्ट्र के नासिक जिले के नांदगांव तालुका का रहने वाला है और वर्तमान में नासिक के इंदिरानगर इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था.
पुलिस के अनुसार, शुभम को मंगलवार दोपहर उस समय पकड़ा गया जब वह एक मंदिर जा रहा था. खुद को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए उसने अपने बाल कटवाकर अपना हुलिया बदल लिया था. हालांकि, तकनीकी निगरानी और पुराने फोटो से मिलान करने के बाद पुलिस ने उसे पहचान लिया और गिरफ्तार कर लिया.
10 लाख का सौदा और 5 लाख का मुनाफा
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि शुभम खैरनार ने पुणे के एक संदिग्ध से 10 लाख रुपये में 'गेस पेपर' खरीदा था. इसके बाद उसने वही पेपर हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख रुपये में बेच दिया, जिससे उसे सीधे तौर पर 5 लाख रुपये का मुनाफा हुआ. यह पूरा लेन-देन और पेपर की डिलीवरी एक एन्क्रिप्टेड मैसेंजर ऐप के जरिए की गई थी.
रिपोर्ट्स के अनुसार, पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपियों ने मोबाइल कैमरों का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि हाई-डेफिनिशन पोर्टेबल स्कैनर्स से पेपर स्कैन कर टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर फैलाया था. यह भी पढ़ें: NEET UG Paper Expected Date: NTA ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा क्यों रद्द की? जानें दोबारा कब होंगे एग्जाम
बड़े नेटवर्क का खुलासा: 45 लोगों का हाथ
राजस्थान एसओजी (SOG) के अनुसार, इस पूरे घोटाले के पीछे मनीष यादव को मास्टरमाइंड माना जा रहा है, जिसे जयपुर से पकड़ा गया है. इसके साथ ही पेपर बांटने के आरोपी राकेश मंदावरिया को भी हिरासत में लिया गया है। अब तक इस मामले में कुल 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
एसओजी अधिकारियों का मानना है कि यह पेपर नासिक के एक प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था. जांच में महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा, बिहार, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों में फैले कम से कम 45 लोगों के एक संगठित नेटवर्क का पता चला है.
'प्राइवेट माफिया' व्हाट्सएप ग्रुप
जांच में 'प्राइवेट माफिया' नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप का भी पता चला है, जहाँ पेपर को व्यापक रूप से प्रसारित किया गया था. इस ग्रुप की सदस्यता के लिए 5,000 से 30,000 रुपये तक वसूले गए थे. यह भी पढ़ें: NEET UG Paper Leak Row: राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा पेपर लीक मामला, सरकार ने CBI को सौंपी जांच, दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी से कड़ी कार्रवाई
कितना सटीक था 'गेस पेपर'?
हैरानी की बात यह है कि हाथ से लिखा गया यह 'गेस पेपर' असली परीक्षा के बायोलॉजी और केमिस्ट्री के 150 में से 120 सवालों से हूबहू मेल खाता था. इस गेस पेपर में उत्तरों के साथ कुल 410 प्रश्न थे. बताया जा रहा है कि यह सामग्री परीक्षा से एक महीने पहले ही राजस्थान के सीकर जैसे कोचिंग सेंटरों में उपलब्ध हो गई थी.
परीक्षा रद्द: नीट-यूजी 2026 की परीक्षा, जो 3 मई को आयोजित की गई थी और जिसमें 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे, उसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने रद्द कर दिया है. केंद्र सरकार ने पूरे मामले की गहन जांच के आदेश सीबीआई को दे दिए हैं.













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