तमिलनाडु में ऐतिहासिक बदलाव: मुख्यमंत्री विजय की कैबिनेट में कांग्रेस को मिली जगह; 55 साल बाद सरकार में वापसी
थलपति विजय (Photo Credits: File Image)

चेन्नई, 11 मई: तमिलनाडु की राजनीति (Tamil Nadu Politics) में आज एक नए युग की शुरुआत हुई. 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (Tamizhaga Vettri Kazhagam)(TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय (Joseph Vijay) ने चेन्नई (Chennai) के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम (Jawaharlal Nehru Indoor Stadium) में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस सरकार गठन की सबसे महत्वपूर्ण बात कांग्रेस पार्टी की सत्ता में वापसी है. लगभग 55 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, कांग्रेस (Congress) तमिलनाडु कैबिनेट (Tamil Nadu Cabinet) का हिस्सा बनने जा रही है. यह भी पढ़ें: Tamil Nadu Cabinet Full List: जानिए कौन हैं मुख्यमंत्री विजय के 9 मंत्री, तमिलनाडु सरकार में इन चेहरों को मिली जगह

त्रिशंकु विधानसभा और गठबंधन की जीत

हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था. 234 सदस्यीय विधानसभा में विजय की पार्टी TVK 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े (118) से पीछे रह गई. सरकार बनाने के लिए विजय ने कांग्रेस, भाकपा (CPI), माकपा (CPM), आईयूएमएल (IUML) और वीसीके (VCK) का समर्थन हासिल किया, जिससे वे आसानी से बहुमत पार करने में सफल रहे.

कैबिनेट में कांग्रेस की भागीदारी

त्रिशंकु जनादेश के बाद हुए सत्ता-साझाकरण समझौते के तहत, TVK ने कांग्रेस को अपनी कैबिनेट में दो मंत्री पद आवंटित किए हैं. हालांकि कांग्रेस ने गठबंधन में केवल पांच सीटें जीती हैं, लेकिन इसके बावजूद विजय ने उन्हें सरकार में शामिल कर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने मुख्यमंत्री विजय के साथ नौ अन्य मंत्रियों को भी शपथ दिलाई. यह भी पढ़ें: Tamil Nadu: सीएम विजय ने स्टेज पर लोगों के बीच राहुल गांधी के साथ ली सेल्फी, सोशल मीडिया पर VIDEO वायरल

55 साल का सूखा हुआ खत्म

तमिलनाडु में कांग्रेस के लिए यह क्षण ऐतिहासिक है. दशकों से DMK की सहयोगी रहने के बावजूद कांग्रेस को कभी भी राज्य कैबिनेट में प्रतिनिधित्व नहीं मिला था. साल 2006 में भी, जब DMK ने कांग्रेस के बाहरी समर्थन से सरकार बनाई थी, तब 34 सीटें होने के बाद भी कांग्रेस को मंत्री पद नहीं दिए गए थे. अब 55 साल बाद पार्टी के कैडरों में इस भागीदारी को लेकर भारी उत्साह है.

मंत्रियों के नामों पर मंथन जारी

AICC के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक गिरीश चोडनकर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के मंत्रियों के नामों पर चर्चा अभी चल रही है. सूत्रों के मुताबिक, किल्लियूर के विधायक एस. राजेश कुमार और मेलूर के विधायक पी. विश्वनाथन मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं. अंतिम फैसला दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान द्वारा लिया जाएगा। राजेश कुमार वर्तमान में कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं, जबकि विश्वनाथन ने सामान्य निर्वाचन क्षेत्र से अनुसूचित जाति (SC) उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल कर सबका ध्यान खींचा है.