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Zubeen Garg Death Case: जुबीन गर्ग की मौत के पीछे 1.10 करोड़ का वित्तीय खेल; पूर्व मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी

असमिया गायक जुबीन गर्ग की मौत की जांच कर रही SIT ने अदालत में बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का दावा है कि पूर्व मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा ने जुबीन के 1.10 करोड़ रुपये हड़पने के लिए उनकी हत्या की साजिश रची. अब आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

Zubeen Garg Death Case: जुबीन गर्ग की मौत के पीछे 1.10 करोड़ का वित्तीय खेल; पूर्व मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
जुबीन गर्ग (Photo Credits: X)

Zubeen Garg Death Case: असम के मशहूर गायक (Assamese Singer) जुबीन गर्ग (Zubeen Garg)  की मौत के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने एक चौंकाने वाला वित्तीय खुलासा किया है. शनिवार को कामरूप (मेट्रो) सत्र न्यायालय में दाखिल की गई रिपोर्ट में SIT ने बताया कि जुबीन की मौत के पीछे का मुख्य कारण उनके पूर्व मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा (Siddharth Sharma) द्वारा की गई करोड़ों रुपये की हेराफेरी थी. पुलिस का आरोप है कि सिद्धार्थ ने जुबीन की कमाई से गबन किए गए 1.10 करोड़ रुपये को 'लीगल' करने और अपनी वित्तीय धोखाधड़ी को छिपाने के लिए उनकी हत्या की साजिश रची. यह भी पढ़ें: Zubeen Garg Death Case: जुबीन गर्ग की विरासत को सहेजने के लिए बनेगा 'ट्रस्ट', पत्नी गरिमा ने न्याय की उम्मीद के साथ किया बड़ा ऐलान

संपत्ति कुर्क करने के लिए अदालत का नोटिस

SIT की मुख्य जांच अधिकारी डॉ. रोजी कलिता ने अदालत में एक याचिका दायर कर आरोपी सिद्धार्थ शर्मा की संपत्ति 'जब्त और कुर्क' करने की मांग की है. इसमें मुख्य रूप से छायगांव स्थित 'महावीर एक्वा वाटर प्लांट' शामिल है. जांचकर्ताओं का दावा है कि यह वाटर प्लांट जुबीन गर्ग के पैसों से खरीदा गया था.

सत्र न्यायाधीश गौतम बरुआ ने सिद्धार्थ शर्मा और उनके बिजनेस पार्टनर चेतन धीरासरिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. अदालत ने पूछा है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत इस प्लांट को कुर्क क्यों न किया जाए? इसके लिए 17 जनवरी तक का समय दिया गया है.

मनी लॉन्ड्रिंग और 'बेनामी' लेन-देन का आरोप

SIT की जांच में सामने आया है कि सिद्धार्थ शर्मा ने जुबीन गर्ग की परफॉर्मेंस फीस और अन्य आय को नकद में स्वीकार किया और उसे आधिकारिक बैंक खातों में जमा करने के बजाय 'बेनामी' लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया.

अदालत के आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि आरोपी ने अपने कर्मचारियों और रिश्तेदारों के खातों का उपयोग कर पैसे को घुमाया और अंततः उसे अपने खातों में स्थानांतरित कर दिया। जज बरुआ ने टिप्पणी की कि 'सिद्धार्थ शर्मा द्वारा की गई मनी लॉन्ड्रिंग और बेनामी लेन-देन ही इस पूरे मामले की जड़ है.'

57 हजार की सैलरी और करोड़ों का निवेश

SIT ने सिद्धार्थ की अचानक बढ़ी संपत्ति को प्रमुख सबूत के तौर पर पेश किया है. फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2022 तक सिद्धार्थ एक कंपनी में मात्र 57,000 रुपये प्रति माह की सैलरी पर काम कर रहे थे. इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने एक इंडस्ट्रियल वाटर प्लांट में 10 करोड़ रुपये का निवेश किया. चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म द्वारा किए गए ऑडिट ने पुष्टि की है कि यह निवेश जुबीन गर्ग से गबन किए गए धन से किया गया था.

सिंगापुर में हुई थी जुबीन की मौत

'गैंगस्टर' फिल्म के मशहूर गाने 'या अली' से देश भर में पहचान बनाने वाले जुबीन गर्ग की पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में एक स्कूबा डाइविंग दुर्घटना के दौरान मौत हो गई थी. शुरुआत में इसे एक हादसा माना गया था, लेकिन बाद में वित्तीय विसंगतियों और संदिग्ध परिस्थितियों के चलते असम पुलिस ने SIT का गठन किया/ फिलहाल सिद्धार्थ शर्मा इस मामले में मुख्य आरोपी है और SIT को डर है कि वह अदालती कार्रवाई से बचने के लिए अपनी संपत्तियां बेच सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 05, 2026 03:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).