Maharashtra Municipal Election 2026: क्या है 'पैनल सिस्टम' और कैसे डालें अपना वोट? मतदान से पहले जान लें ये जरूरी नियम
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: YouTube/ECI)

मुंबई: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों (Maharashtra Municipal Election) का बिगुल बज चुका है और इस चुनावी मैदान में उतरे विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवार अपना पूरा दम खम दिखा रहे हैं, ताकि वो इस चुनावी रण में विजय हासिल कर सकें. बता दें कि राज्य के 29 प्रमुख नगर निगमों में 15 जनवरी 2026 को मतदान होना है. इस बार के चुनाव कई मायनों में अलग हैं, विशेषकर वोटिंग की 'पैनल प्रणाली' (Panel System) को लेकर. विधानसभा या लोकसभा चुनावों के विपरीत, जहां मतदाता केवल एक उम्मीदवार को चुनता है, नगर निगम चुनावों में 'मल्टी-मेम्बर वार्ड सिस्टम' लागू होता है. इसका मतलब है कि एक ही मतदाता को अपने वार्ड से एक से अधिक प्रतिनिधियों को चुनने का अधिकार होता है. यह भी पढ़ें: BMC Elections 2026: मुंबई महापालिका चुनाव की रणभूमि में महायुति का सीट बंटवारा, अजित पवार गुट पर अटका पेच, जानिए क्या हैं सीटों का समीकरण

क्या है मल्टी-मेम्बर पैनल सिस्टम?

मुंबई (BMC) को छोड़कर, जहां आमतौर पर सिंगल-वार्ड सिस्टम होता है, महाराष्ट्र के अन्य नगर निगमों को 'पैनल' में बांटा गया है. एक पैनल में आमतौर पर 3 से 4 सीटें होती हैं.

यदि आपका वार्ड 3-सदस्यीय पैनल के अंतर्गत आता है, तो आपको ईवीएम (EVM) पर तीन अलग-अलग श्रेणियों (सीट A, B और C) के लिए वोट डालने होंगे. सरल शब्दों में, आप एक ही समय में तीन अलग-अलग पार्षदों (Corporators) का चुनाव करेंगे.

वोट डालने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया

जब आप पोलिंग बूथ के अंदर जाएंगे, तो प्रक्रिया इस प्रकार होगी:

  • पहचान का सत्यापन: अधिकारी मतदाता सूची में आपका नाम जांचेंगे और आपकी आईडी (वोटर आईडी या अन्य मान्य दस्तावेज) का सत्यापन करेंगे.
  • रजिस्टर और स्याही: आपकी उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी और आपसे रजिस्टर पर हस्ताक्षर लिए जाएंगे.
  • ईवीएम का लेआउट: ईवीएम पर उम्मीदवारों को उनकी सीटों (जैसे सीट-A, सीट-B आदि) के अनुसार समूहों में बांटा गया होगा. हर सीट के लिए उम्मीदवारों की अलग सूची और उनके चुनाव चिह्न होंगे.
  • मतदान: आपको प्रत्येक सीट (A, B, C) के लिए अपने पसंदीदा उम्मीदवार के सामने वाला नीला बटन दबाना होगा.

विशेष नोट: आप अपने सभी वोट किसी एक ही उम्मीदवार को नहीं दे सकते. आपको हर सीट श्रेणी के लिए अलग उम्मीदवार चुनना होगा. यह भी पढ़ें: Nawab Malik On CM Fadnavis: सीएम देवेंद्र फडणवीस के बयान पर NCP ने साधा निशाना, नवाब मलिक ने कहा- 'हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव ज्यादा दिन नहीं चलेगा'

कितने वोट देना अनिवार्य है?

एक मतदाता के पास उतनी ही संख्या में वोट देने का अधिकार होता है जितनी सीटें उस पैनल में होती हैं. हालांकि, कानूनी रूप से यह अनिवार्य नहीं है कि आप सभी सीटों के लिए वोट डालें. यदि आप चाहें तो केवल एक या दो उम्मीदवारों को वोट देकर भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, लेकिन अपनी पूरी 'वोटिंग पावर' का इस्तेमाल करने के लिए सभी उपलब्ध सीटों पर मतदान करना बेहतर होता है.

कैसे करें मतदान?

वोट बांटने (Split Vote) की आजादी

पैनल सिस्टम की एक बड़ी खासियत यह है कि आप अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवारों को चुन सकते हैं. उदाहरण के लिए, आप सीट-A के लिए 'पार्टी X', सीट-B के लिए 'पार्टी Y' और सीट-C के लिए किसी निर्दलीय उम्मीदवार को वोट दे सकते हैं. इसे 'स्प्लिट वोट' कहा जाता है.

VVPAT का इस्तेमाल नहीं होगा

राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने स्पष्ट किया है कि 2026 के इन नगर निगम चुनावों में VVPAT (वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीनों का उपयोग नहीं किया जाएगा. आयोग के अनुसार, मल्टी-मेम्बर सिस्टम के साथ VVPAT को जोड़ना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है. ऐसे में मतदाता ईवीएम की 'बीप' और लाइट के जरिए ही अपने वोट की पुष्टि कर सकेंगे.