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LPG संकट के बीच संजय राउत ने BJP को घेरा, मिठी नदी का फोटो पोस्ट कर कहा- नाले में मिला 'दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार'; मुंबई मेयर रितु तावड़े ने किया पलटवार

मुंबई में एलपीजी गैस की कमी और मिठी नदी के प्रदूषण को लेकर राजनीतिक युद्ध छिड़ गया है. संजय राउत के कटाक्ष पर मुंबई की नई मेयर रितू तावडे ने कड़ा पलटवार किया है.

LPG संकट के बीच संजय राउत ने BJP को घेरा, मिठी नदी का फोटो पोस्ट कर कहा- नाले में मिला 'दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार'; मुंबई मेयर रितु तावड़े ने किया पलटवार
(Photo Credits: @rautsanjay61, @TawdeRitu)

Mithi River ‘Natural Gas’ Controversy: महाराष्ट्र की राजनीति में मिठी नदी के प्रदूषण और देश में जारी एलपीजी (LPG) गैस की किल्लत को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने एलपीजी संकट पर केंद्र सरकार को घेरते हुए तंज कसा कि मुंबई की मिठी नदी से निकलने वाली दुर्गंधयुक्त गैस को 'प्राकृतिक गैस भंडार' घोषित कर देना चाहिए. इस बयान के बाद मुंबई की नवनिर्वाचित मेयर रितू तावडे ने उन पर पलटवार करते हुए इसे विपक्ष की प्रशासनिक विफलता का स्मारक बताया है.

संजय राउत का कटाक्ष

संजय राउत ने देश में रसोई गैस की कमी और बढ़ती कीमतों पर व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर सरकार ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना चाहती है, तो उसे मुंबई के खुले नालों में बने 'गैस चैंबरों' की ओर देखना चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पुराने बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने गंदे नाले की गैस से चाय बनाने का जिक्र किया था. राउत ने कहा कि बीजेपी को मिठी नदी के मीथेन उत्सर्जन को 'राष्ट्रीय संपत्ति' घोषित करना चाहिए, ताकि मुंबईकरों को गैस सिलेंडर की जरूरत ही न पड़े.  यह भी पढ़े:  Maharashtra LPG Crisis: महाराष्ट्र में गैस संकट पर बोले सीएम फडणवीस, प्रदेश में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं, कांग्रेस सिर्फ अफवाह फैला रही है; VIDEO

संजय राउत का पोस्ट

मेयर रितू तावडे का जवाब

संजय राउत के इस बयान पर मुंबई की मेयर रितू तावडे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर मराठी में जवाब देते हुए कहा कि राउत जिस 'प्राकृतिक संपदा' की बात कर रहे हैं, वह दरअसल पिछले 25 वर्षों में शिवसेना (UBT) के शासन के दौरान नदी सफाई के नाम पर हुए भ्रष्टाचार का नतीजा है. तावडे ने आरोप लगाया कि 'ब्रिमस्टोवॉड' और मिठी सफाई परियोजनाओं के लिए आवंटित हजारों करोड़ रुपये का गबन किया गया है. उन्होंने इसे 'मिठी घोटाला' करार देते हुए जांच की बात कही.

मेयर रितु तावडे का पोस्ट

मिठी नदी: प्रदूषण और राजनीति के बीच फंसी जनता

राजनीतिक बयानबाजी के बीच मिठी नदी के किनारे रहने वाले लाखों निवासी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार 'नाला सफाई' के टेंडर निकलने के बावजूद नदी प्लास्टिक और औद्योगिक कचरे से पटी हुई है. 2005 की बाढ़ के बाद से अब तक नदी को गहरा और चौड़ा करने के लिए अरबों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी चिंताजनक बनी हुई है.

मानसून से पहले फिर गहराया विवाद

साल 2026 के मानसून के करीब आने के साथ ही मुंबई में जलभराव की आशंका बढ़ गई है. हाल ही में सामने आया है कि मिठी नदी के कई हिस्सों में गाद निकालने (desilting) का काम अधूरा है. विपक्ष जहां इसे वर्तमान प्रशासन की नाकामी बता रहा है, वहीं सत्ताधारी गठबंधन का कहना है कि वे पिछली सरकार के 'पापों' को साफ करने की कोशिश कर रहे हैं. फिलहाल, गैस की किल्लत और नदी की गंदगी ने मुंबई की राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 14, 2026 04:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).