Falta Assembly Re-Polling: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा निर्वाचन सीट पर आज (गुरुवार, 21 मई 2026) सुबह 7 बजे से पुनर्मतदान (री-पोलिंग) की प्रक्रिया शुरू हो गई है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार, मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. इस संवेदनशील सीट पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 35 कंपनियों को तैनात किया गया है. किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (QRT) को भी अलर्ट पर रखा गया है.
क्यों हो रहा है दोबारा मतदान?
इससे पहले फाल्टा सीट पर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत 29 अप्रैल को मतदान हुआ था. उस दौरान बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताओं और धांधली की शिकायतें सामने आई थीं. कई मतदान केंद्रों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार के नाम और प्रतीक चिन्ह (चुनाव चिह्न) के बटन को सफेद टेप से ढक दिए जाने के गंभीर आरोप लगे थे. यह भी पढ़े: West Bengal Caste Certificate: पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, 2011 से जारी सभी 1.69 करोड़ SC, ST और OBC प्रमाणपत्रों की दोबारा होगी जांच
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में फिर से मतदान
Falta, West Bengal: Re-polling for the Falta Assembly constituency began at 7:00 AM on Wednesday, with long queues of voters seen at polling stations since early morning. Voting is being conducted across 285 booths. pic.twitter.com/x0UHc1VqU0
— IANS (@ians_india) May 21, 2026
इन शिकायतों के बाद, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के सलाहकार और विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने व्यक्तिगत रूप से फाल्टा का दौरा कर जांच की थी. उनकी रिपोर्ट के आधार पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने संज्ञान लेते हुए पूरे निर्वाचन क्षेत्र के सभी 285 बूथों पर मतदान रद्द कर नए सिरे से मतदान कराने का आदेश दिया था.
टीएमसी उम्मीदवार ने वापस लिया नाम
इस पुनर्मतदान से ठीक पहले राजनीतिक समीकरणों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने हाल ही में चुनावी मुकाबले से हटने की घोषणा कर दी थी. उन्होंने नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा फाल्टा के लिए घोषित विशेष विकास पैकेज का समर्थन करते हुए अपनी उम्मीदवारी छोड़ने की बात कही.
हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि मतदान की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी, इसलिए तकनीकी रूप से जहांगीर खान का नाम और टीएमसी का सिंबल ईवीएम (EVM) पर बरकरार रहेगा. इस वजह से मतपत्रों या मशीनों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
बीजेपी के लिए आसान हुई राह
जहांगीर खान के पीछे हटने के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देवांश पांडा की राह बेहद आसान हो गई है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी पहले ही 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना चुकी है. यदि बीजेपी इस पुनर्मतदान में जीत हासिल करती है, तो राज्य विधानसभा में उसकी सीटों की संख्या बढ़कर 208 हो जाएगी.
24 मई को मतगणना
दूसरी ओर, चुनावी विश्लेषकों की नजर इस बात पर भी टिकी है कि मुख्य मुकाबले से टीएमसी के हटने के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) और कांग्रेस उम्मीदवारों के वोट शेयर पर क्या असर पड़ता है. इस सीट पर कुल 2.36 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जिनके भाग्य का फैसला 24 मई को मतगणना के बाद स्पष्ट होगा.













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