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Fact Check: आईपीएस अजय पाल शर्मा का पश्चिम बंगाल तबादला? जानें क्या है वायरल दावे की सच्चाई

सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के पश्चिम बंगाल तबादले को लेकर चल रहा दावा फर्जी निकला है. वह केवल चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में वहां तैनात किए गए थे.

Fact Check: आईपीएस अजय पाल शर्मा का पश्चिम बंगाल तबादला? जानें क्या है वायरल दावे की सच्चाई
अजय पाल शर्मा (Photo Credits: X)

 IPS Ajay Pal Sharma News:  सोशल मीडिया (Social Media) पर पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा (IPS Ajay Pal Sharma) को लेकर एक खबर तेजी से वायरल (Viral News) हो रही है. दावा किया जा रहा है कि उनका तबादला अगले 5 वर्षों के लिए पश्चिम बंगाल कैडर (West Bengal Cadre) में कर दिया गया है. हालांकि, आधिकारिक सूत्रों और हालिया घटनाक्रमों से यह स्पष्ट हो गया है कि यह दावा पूरी तरह से निराधार और भ्रामक है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या इटली का प्रेसिचे-अक्वारिका शहर बसने के लिए दे रहा है 30,000 यूरो? जानें वायरल वीडियो का सच

क्या है वायरल दावे की सच्चाई?

इंटरनेट पर वायरल हो रही पोस्ट्स में कहा गया कि 'सिंघम' के नाम से मशहूर आईपीएस अजय पाल शर्मा को उत्तर प्रदेश से हटाकर पश्चिम बंगाल भेज दिया गया है. तथ्य यह है कि अजय पाल शर्मा उत्तर प्रदेश कैडर के ही अधिकारी हैं और उनकी सेवाओं को स्थायी रूप से बंगाल स्थानांतरित नहीं किया गया है. वह वर्तमान में प्रयागराज में अपर पुलिस आयुक्त (Law and Order) के पद पर तैनात हैं.  यह भी पढ़े:  Fact Check: क्या बीबीएल के मौजूदा के दौरान एलिस पेरी ने बाबर आज़म को किया प्रपोज? जानिए वायरल दावे की सच्चाई

IPS अजय पाल शर्मा का पश्चिम बंगाल में कोई स्थायी तबादला नहीं

चुनाव आयोग ने दी थी विशेष जिम्मेदारी

अजय पाल शर्मा के पश्चिम बंगाल में दिखने का असली कारण वहां हो रहे विधानसभा चुनाव 2026 हैं. भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने उन्हें चुनाव के दौरान 'पुलिस ऑब्जर्वर' (Police Observer) के रूप में तैनात किया था.

  • उन्हें दक्षिण 24 परगना जिले के संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर फालता निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

  • एक पर्यवेक्षक का काम चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था की निगरानी करना होता है, न कि उस राज्य में स्थायी नियुक्ति.

बंगाल में कार्रवाई से चर्चा में आए शर्मा

चुनाव ड्यूटी के दौरान अजय पाल शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे कथित तौर पर अपराधियों और उपद्रवियों को सख्त चेतावनी देते नजर आ रहे थे. इस वीडियो के बाद ही उनके 'तबादले' की अफवाहों ने जोर पकड़ा. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, जबकि भाजपा नेताओं ने उनकी निष्पक्षता की प्रशंसा की थी.

 करियर

2011 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा मूल रूप से लुधियाना, पंजाब के रहने वाले हैं. पुलिस सेवा में आने से पहले वे एक डेंटिस्ट थे. उत्तर प्रदेश में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने 500 से अधिक एनकाउंटरों का नेतृत्व किया है, जिसके कारण उन्हें 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' और 'यूपी का सिंघम' जैसे नामों से जाना जाता है.

प्रशासनिक नियमों के अनुसार, किसी भी आईपीएस अधिकारी का अंतर-राज्यीय प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर जाना एक लंबी कानूनी प्रक्रिया है और वर्तमान में अजय पाल शर्मा के मामले में ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है. वे अपनी चुनावी ड्यूटी पूरी करने के बाद वापस उत्तर प्रदेश में अपनी मूल तैनाती पर लौटेंगे. अतः सोशल मीडिया पर 5 साल के तबादले की खबर पूरी तरह गलत है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2026 04:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).