Fact Check: क्या अमेरिकी अस्पतालों को मिला पेंटागन का 'गुमनाम' पत्र? 'क्वांटम मेडिकल सिस्टम' से जुड़े दावों का सच जानें
फैक्ट चेक (Photo Credits: File Image)

वॉशिंगटन, 7 मई: सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया गया कि 5 मई, 2026 को अमेरिका के सभी 6,129 अस्पतालों के प्रशासकों को रक्षा विभाग (Department of Defense) (DOD) द्वारा हाथो-हाथ एक 'गुप्त लिफाफा' (Secret Envelope) सौंपा गया है. इस कथित निर्देश में दवा कंपनियों के साथ अनुबंध निलंबित करने और 'क्वांटम मेडिकल सिस्टम' (Quantum Medical System) जैसी नई तकनीक लागू करने की बात कही गई थी. हालांकि, गहन जांच और आधिकारिक बयानों के बाद यह दावा पूरी तरह से निराधार और गलत साबित हुआ है. यह भी पढ़ें: Fact Check: आईपीएस अजय पाल शर्मा का पश्चिम बंगाल तबादला? जानें क्या है वायरल दावे की सच्चाई

क्या था वायरल दावा?

यूजर @covertress द्वारा 6 मई को साझा की गई इस पोस्ट में कहा गया कि 'मेडिकल डायरेक्टिव 2026-04' के तहत फाइजर (Pfizer) और मॉडर्ना (Moderna) जैसी बड़ी दवा कंपनियों के साथ करार खत्म कर दिए गए हैं. साथ ही, यह भी दावा किया गया कि अस्पतालों में अब 'फ्रीक्वेंसी-आधारित' क्वांटम डिवाइस लगाए जाएंगे और 90 दिनों के भीतर मेडिकल बिलिंग को "जीरो" कर दिया जाएगा. इस पोस्ट को हजारों बार देखा और साझा किया गया.

जांच में नहीं मिला कोई सबूत

फैक्ट-चेकिंग संस्थाओं और रक्षा विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड्स में इस तरह के किसी भी निर्देश का कोई नामोनिशान नहीं मिला है. अमेरिकी अस्पतालों ने भी वर्दीधारी कर्मियों द्वारा किसी भी गुप्त लिफाफे की डिलीवरी से इनकार किया है. इसके अलावा, फार्मास्युटिकल कंपनियों के सभी अनुबंध वर्तमान में सक्रिय हैं और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए किसी भी 'क्वांटम मेडिकल ट्रेनिंग' की शुरुआत नहीं की गई है.

6129 अस्पतालों को DOD के निर्देश से जुड़ा वायरल X पोस्ट 'गलत' करार

पुरानी साजिशों का नया रूप

विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरल कहानी पुरानी और पहले ही खारिज की जा चुकी 'क्वांटम फाइनेंशियल सिस्टम' (QFS) जैसी साजिशों (Conspiracy Theories) का मिश्रण है. इसमें 'बर्थ सर्टिफिकेट बॉन्ड' जैसे निराधार सिद्धांतों को भी जोड़ा गया है, जो लंबे समय से इंटरनेट के कुछ खास हिस्सों में बिना किसी प्रमाण के घूम रहे हैं। स्नोप्स (Snopes) जैसी संस्थाओं ने इसे पूरी तरह 'फर्जी' करार दिया है. यह भी पढ़ें: Fact Check: चंद्रपुर में बाघ के हमले वाला वायरल वीडियो निकला फेक, IFS अधिकारी ने बताया AI से बना

पारदर्शी प्रक्रिया बनाम गुप्त दावे

अमेरिका में स्वास्थ्य सेवा और दवा की कीमतों को लेकर बहस और बदलाव अक्सर होते रहते हैं, लेकिन ये सभी मानक विनियामक प्रक्रियाओं (Regulatory Processes), सार्वजनिक घोषणाओं और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत किए जाते हैं. सैन्य गुप्त निर्देशों के माध्यम से स्वास्थ्य प्रणाली में बदलाव का कोई संवैधानिक या व्यावहारिक आधार नहीं है.