जेपी मॉर्गन चेस ने अपने एक पूर्व निवेश बैंकर, चिरायु राणा द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों को अदालती कार्यवाही से पहले ही सुलझाने के लिए $1 मिलियन (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) की पेशकश की थी. हालिया जानकारी के अनुसार, बैंक ने यह वित्तीय प्रस्ताव इस साल की शुरुआत में एक निजी मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान दिया था. हालांकि, चिरायु राणा ने इस राशि को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद यह मामला सार्वजनिक कानूनी विवाद में बदल गया.
निजी समझौते का प्रयास
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेपी मॉर्गन के वकीलों ने राणा के साथ बातचीत कर इस मामले को गुप्त रखने की कोशिश की थी. बैंक का उद्देश्य मामले को मीडिया और सार्वजनिक रिकॉर्ड से दूर रखना था. $1 मिलियन की यह पेशकश राणा द्वारा बैंक और उनकी सीनियर अधिकारी लोर्ना हजदिनी के खिलाफ औपचारिक मुकदमा दायर करने से ठीक पहले की गई थी. समझौते पर सहमति न बनने के कारण अब यह मामला न्यूयॉर्क की अदालत में पहुंच चुका है.
उत्पीड़न और गंभीर आरोप
चिरायु राणा ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया है कि मैनेजिंग डायरेक्टर लोर्ना हजदिनी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें परेशान किया. आरोपों के अनुसार, हजदिनी ने राणा के करियर और पदोन्नति को प्रभावित करने की धमकी देकर उन्हें यौन संबंधों के लिए मजबूर करने का प्रयास किया. इसके अलावा, मुकदमे में नस्लीय भेदभाव और अनुचित व्यवहार के दावे भी किए गए हैं. राणा का कहना है कि जब उन्होंने बैंक के मानव संसाधन (HR) विभाग में शिकायत की, तो उनकी मदद करने के बजाय उन्हें ही काम से दूर कर दिया गया.
बैंक और हजदिनी की प्रतिक्रिया
जेपी मॉर्गन और लोर्ना हजदिनी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है. बैंक का दावा है कि उनके द्वारा की गई आंतरिक जांच में इन आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई भी सबूत, जैसे ईमेल या अन्य रिकॉर्ड, नहीं मिला है. हजदिनी के बचाव पक्ष का कहना है कि उनके और राणा के बीच कभी कोई ऐसा संबंध नहीं रहा जिसका दावा मुकदमे में किया गया है. बैंक ने यह भी तर्क दिया है कि राणा का पद ऐसा नहीं था कि हजदिनी सीधे तौर पर उनके करियर को नियंत्रित कर सकें.
मामले की वर्तमान स्थिति
जैसे-जैसे यह कानूनी लड़ाई आगे बढ़ रही है, बैंक ने राणा के व्यवहार और दावों की सत्यता पर भी सवाल उठाए हैं. बैंक के अनुसार, राणा ने कुछ व्यक्तिगत जानकारियों को लेकर गुमराह करने की कोशिश की थी. फिलहाल, यह मामला अदालत में लंबित है और राणा मानसिक प्रताड़ना व मानहानि के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं. यह घटनाक्रम वॉल स्ट्रीट पर कार्यस्थल सुरक्षा और बड़े संस्थानों द्वारा विवादों को सुलझाने के तरीकों पर फिर से सवाल खड़े कर रहा है.













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