TCS Nashik Case: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक स्थित बीपीओ यूनिट में चल रहे उत्पीड़न के मामले में एक नया और विचलित करने वाला मोड़ आया है. एक सर्वाइवर (पीड़िता) ने महिला आयोग के सामने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि ऑफिस के वाई-फाई (Wi-Fi) और नेटवर्क पासवर्ड अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों पर आधारित थे. इस खुलासे ने कंपनी के भीतर की कार्यस्थल संस्कृति और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
कार्यस्थल पर 'टॉक्सिक' माहौल का आरोप
पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि ऑफिस में अनुचित व्यवहार केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि यह पूरे माहौल का हिस्सा बन चुका था. उसने आरोप लगाया कि ट्रेनिंग के दिनों से ही सीनियर कर्मचारी रजा रफीक मेमन द्वारा उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. आरोप है कि मेमन उसे अक्सर अपने केबिन में बुलाकर अश्लील चर्चाएं करता था और ऐसी टिप्पणियां करता था जिससे उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती थी. यह भी पढ़े: TCS Nashik Case: रेप के आरोपी टीसीएस कर्मचारी को यौन उत्पीड़न के दूसरे मामले में भी राहत नहीं, कोर्ट ने खारिज की अंतरिम जमानत
प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
पीड़िता ने यह भी दावा किया कि उसने इस दुर्व्यवहार की शिकायत अपने मैनेजर से की थी, लेकिन आंतरिक अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई. यह आरोप संगठन के भीतर शिकायतों के निवारण के लिए बने सिस्टम (Internal Complaints Committee) की विफलता की ओर इशारा करता है. पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या कंपनी में शिकायतों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया.
जांच का दायरा बढ़ा: कई और पीड़ित आए सामने
यह मामला शुरुआत में तब सामने आया था जब एक अन्य महिला कर्मचारी ने अपने सहयोगी पर शादी का झांसा देकर शोषण करने का आरोप लगाया था. जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ी, कई अन्य युवतियों ने सामने आकर उत्पीड़न, डिजिटल स्टालिंग (पीछा करना) और डराने-धमकाने की शिकायतें दर्ज कराईं. कुछ पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर धार्मिक विश्वास बदलने के लिए भी दबाव डाला गया था.
अब तक की पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में अब तक एचआर (HR) विभाग के सदस्यों सहित कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. कंपनी ने आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है. नासिक पुलिस की टीमें अब इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि इस तरह की गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इसमें कितने लोग शामिल थे.
कॉर्पोरेट नैतिकता पर उठे सवाल
ऑफिस के वाई-फाई पासवर्ड अश्लील होने के ताजा दावे ने जनता और महिला अधिकार समूहों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट संस्थान में ऐसी प्रथाएं कैसे मौजूद हो सकती हैं. यह मामला न केवल कर्मचारी सुरक्षा बल्कि कार्यस्थल नैतिकता (Workplace Ethics) की दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है. वर्तमान में महिला आयोग और पुलिस दोनों इस मामले की गहनता से निगरानी कर रहे हैं.













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