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TCS Nashik Case: रेप के आरोपी टीसीएस कर्मचारी को यौन उत्पीड़न के दूसरे मामले में भी राहत नहीं, कोर्ट ने खारिज की अंतरिम जमानत

नासिक की एक सत्र अदालत ने टीसीएस (TCS) के उस कर्मचारी की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिस पर एक सहकर्मी से रेप और दूसरे सहकर्मी के यौन उत्पीड़न के साथ-साथ धार्मिक आधार पर प्रताड़ित करने का आरोप है.

TCS Nashik Case: रेप के आरोपी टीसीएस कर्मचारी को यौन उत्पीड़न के दूसरे मामले में भी राहत नहीं, कोर्ट ने खारिज की अंतरिम जमानत
टीसीएस (Photo Credits: IANS)

नासिक: नासिक (Nashik) की एक सत्र अदालत (Sessions Court) ने बुधवार को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services) यानी टीसीएस (TCS) के एक कर्मचारी को अंतरिम राहत (Interim Relief) देने से इनकार कर दिया. आरोपी, जो टीसीएस के नासिक कार्यालय में टीम लीडर के पद पर कार्यरत था, वर्तमान में यौन शोषण (Sexual Exploitation) और धार्मिक आधार (Religious Coercion) पर जबरदस्ती करने के कई मामलों में घिरा हुआ है. एडिशनल सेशंस जज वी.वी. कठारे (Additional Sessions Judge V.V. Kathare) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत की अगली सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है. यह भी पढ़ें: TCS Nashik Case: महिला कर्मचारी ने सहकर्मी पर लगाए सनसनीखेज आरोप, कहा- शारीरिक छेड़छाड़ और अश्लील टिप्पणियों के साथ जांघ पर हाथ रखने का करता था प्रयास

दो अलग-अलग थानों में दर्ज हैं मामले

31 वर्षीय आरोपी फिलहाल नासिक रोड सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में है। उस पर लगे आरोपों की फेहरिस्त लंबी और गंभीर है:

  • पहला मामला (रेप): सबसे पहले देवलाली पुलिस स्टेशन में एक महिला सहकर्मी ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण (रेप) का मामला दर्ज कराया था। इसी मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी.
  • दूसरा मामला (उत्पीड़न और धार्मिक जबरदस्ती): इसके बाद एक पुरुष सहकर्मी ने मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. इसमें आरोपी पर यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

सरकारी पक्ष की दलील और विरोध

सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने मुख्य जमानत अर्जी पर फैसला होने तक अंतरिम राहत की मांग की थी. हालांकि, लोक अभियोजक (Public Prosecutor) किरण बेंदभर ने इसका कड़ा विरोध किया. उन्होंने दलील दी कि अपराध की प्रकृति बेहद गंभीर है और उन्हें विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए और समय चाहिए. अभियोजन पक्ष ने यह भी बताया कि आरोपी के व्यवहार के कारण शिकायतकर्ता भारी मानसिक तनाव में है, क्योंकि आरोपी ने जानबूझकर उसकी धार्मिक भावनाओं को भी आहत किया था. यह भी पढ़ें: TCS Nashik Case: टीसीएस नासिक धर्मांतरण और उत्पीड़न मामला, आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश और पूर्व IPS अधिकारी की समिति गठित

जांच का दायरा

नासिक पुलिस वर्तमान में इस कंपनी के कार्यालय में यौन अपराधों और धार्मिक उत्पीड़न से संबंधित कुल नौ मामलों की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कार्यस्थल पर इस तरह के व्यवहार के और भी शिकार हुए हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्कप्लेस सेफ्टी और कर्मचारियों की गरिमा से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2026 11:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).