Nashik TCS Conversion Case: नासिक टीसीएस धर्मांतरण मामले में 42 दिनों की तलाशी के बाद मुख्य आरोपी निदा खान गिरफ्तार, SIT मांगेगी रिमांड (Watch Videos)
निदा खान गिरफ्तार (Photo Credits:X)

Nashik TCS Conversion Case: नासिक (Nashik) के बहुचर्चित टीसीएस (TCS) यौन उत्पीड़न (Se*ual Harassment) और धार्मिक धर्मांतरण (Religious Conversion) मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. विशेष जांच दल (SIT) और स्थानीय क्राइम ब्रांच ने एक संयुक्त अभियान के तहत मामले की मुख्य आरोपी निदा खान (Nida Khan) को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया. निदा पिछले 42 दिनों से फरार चल रही थी और उसे छत्रपति संभाजीनगर (Chhatrapati Sambhajinagar) के नरेगांव (Naregaon) स्थित कैसर कॉलोनी (Kaiser Colony) से पकड़ा गया, जहाँ वह अपने परिवार के साथ रह रही थी. यह भी पढ़ें: TCS Nashik Case: नासिक टीसीएस मामले में महिला आयोग के सामने पीड़िता का नया खुलासा, ऑफिस के Wi-Fi पासवर्ड भी थे अश्लील

छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई

निदा खान के खिलाफ 26 मार्च को एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद से ही नासिक पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी. नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक और सहायक आयुक्त संदीप मिटके के नेतृत्व में पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर जाल बिछाया. पुलिस ने पुष्टि की है कि निदा गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रही थी. गौरतलब है कि 2 मई को नासिक की एक स्थानीय अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि अपराध की प्रकृति गंभीर है और हिरासत में पूछताछ जरूरी है.

क्या हैं आरोप और जांच की दिशा?

टीसीसी नासिक यूनिट की निलंबित "प्रोसेस एसोसिएट" निदा खान पर 9 अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं. शिकायतकर्ताओं (जिनकी उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच है) ने कार्यस्थल पर यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण की कोशिशों के गंभीर आरोप लगाए हैं. निदा पर महिला सहकर्मियों को हिजाब पहनने और धार्मिक आयतें पढ़ने के लिए दबाव डालने का भी आरोप है.  अभियोजन पक्ष ने अदालत को मालेगांव और मलेशिया जैसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों की भी जानकारी दी है, जिससे इस मामले के पीछे एक बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है.

छत्रपति संभाजीनगर में निदा खान गिरफ्तार

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद 2026 की शुरुआत में तब सामने आया जब कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार और धार्मिक दबाव की शिकायतें मिलने लगीं. इसके बाद मामले की गहराई से जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया. टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि निदा एचआर मैनेजर नहीं थी, लेकिन उस पर जूनियर स्टाफ को प्रभावित करने और पीड़ितों को शिकायत दर्ज करने से रोकने का आरोप है. अब तक इस मामले में छह पुरुष कर्मचारियों और निदा सहित आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है. यह भी पढ़ें: TCS Nashik Case: रेप के आरोपी टीसीएस कर्मचारी को यौन उत्पीड़न के दूसरे मामले में भी राहत नहीं, कोर्ट ने खारिज की अंतरिम जमानत

अगली कार्रवाई

निदा खान को आज यानी शुक्रवार को नासिक की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा.  एसआईटी उसकी अधिकतम पुलिस हिरासत की मांग करेगी, ताकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा सके और कथित धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन (Financial Trail) का पता लगाया जा सके.