Amravati Sex Scandal: अमरावती यौन शोषण मामले में आरोपी उजैर खान के खिलाफ पुलिस जांच तेज, नाबालिग पीड़िता की मां की शिकायत के बाद तीसरी FIR दर्ज
Amravati Police (Photo Credits: X/@AmtCityPolice)

Amravati Sex Scandal: अमरावती के बहुचर्चित यौन शोषण मामले में सोमवार, 20 अप्रैल को एक और नया मोड़ आया है. एक अन्य नाबालिग पीड़िता की मां द्वारा परतवाड़ा पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने इस मामले में तीसरी एफआईआर (FIR) दर्ज की है. यह नई शिकायत आरोपी उजैर खान के खिलाफ दर्ज की गई है, जिस पर एक 16 वर्षीय लड़की का पीछा करने और उसे परेशान करने का आरोप है.

16 वर्षीय नाबालिग का पीछा करने का आरोप

अमरावती ग्रामीण पुलिस के अनुसार, ताजा मामला उजैर खान (20 वर्ष) के खिलाफ दर्ज किया गया है. शिकायत के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से नाबालिग लड़की का पीछा कर रहा था. पीड़िता के माता-पिता द्वारा चेतावनी दिए जाने के बावजूद आरोपी ने ऑनलाइन और व्यक्तिगत रूप से उसका पीछा करना जारी रखा. गौरतलब है कि यह लड़की उन आठ पीड़िताओं में शामिल नहीं है, जिनकी पहचान वायरल हुए आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरों के आधार पर की गई थी.  यह भी पढ़े:  Amravati S*x Scandal: अमरावती यौन शोषण मामले में जांच के लिए 47 सदस्यीय SIT गठित, मुख्य आरोपी अयान अहमद समेत चार गिरफ्तार

पॉक्सो एक्ट और बीएनएस के तहत मामला दर्ज

अमरावती ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) विशाल आनंद ने पुष्टि की है कि पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर उजैर खान के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 (पीछा करना) के तहत अपराध दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) की कड़ी निगरानी में चल रही है.

जांच की वर्तमान स्थिति और गिरफ्तारियां

एसआईटी वर्तमान में जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और फॉरेंसिक डेटा का विश्लेषण कर रही है. अब तक इस मामले में आठ संदिग्ध पुलिस हिरासत में हैं, जबकि 10 अन्य व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है. जांच टीम उन सभी डिजिटल साक्ष्यों को इकट्ठा करने में जुटी है, जिनके जरिए नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाया गया और उनका शोषण किया गया.

पीड़ितों की गोपनीयता और पुलिस की अपील

अमरावती पुलिस ने अन्य संभावित पीड़ितों से भी बिना किसी सामाजिक डर के आगे आने की अपील की है. पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया है कि सभी पीड़ितों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जा रही है. उन्होंने कहा, "हम पीड़ितों को मनोवैज्ञानिक सहायता और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध हैं." पीड़ितों के बयान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 183 के तहत महिला मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए जा रहे हैं ताकि कानूनी प्रक्रिया निष्पक्ष और सुरक्षित रहे.

मुख्य आरोपी और नेटवर्क की जांच

अब तक दर्ज की गई तीन एफआईआर में से दो उजैर खान के खिलाफ हैं, जबकि एक मुख्य आरोपी अयान अहमद (उर्फ अयान शेख) के खिलाफ दर्ज है. पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें और कितने लोग शामिल हैं और यह नेटवर्क कब से सक्रिय था. स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच में सहयोग करने का अनुरोध किया है.