Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' को लेकर रविवार, 10 मई 2026 को एक बड़ा अपडेट सामने आया है. राज्य सरकार द्वारा अनिवार्य की गई ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया और गहन छानबीन के बाद लाभार्थियों की सूची में बड़ी कटौती की गई है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, लगभग 54 लाख महिलाओं को योजना के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है. दूसरी ओर, पात्र महिलाओं के लिए राहत की खबर यह है कि उनके बैंक खातों में पिछले दो महीनों की लंबित राशि जल्द ही भेजी जा सकती है.
54 लाख नाम कटने की मुख्य वजह
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की अंतिम समय सीमा 30 अप्रैल 2026 तय की गई थी. इस प्रक्रिया के दौरान उन आवेदकों को हटा दिया गया है जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया था या गलत जानकारी दी थी. नाम कटने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:
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आय सीमा: जिन परिवारों की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक पाई गई, उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया है.
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सरकारी नौकरी: परिवार में किसी सदस्य के सरकारी सेवा में होने या आयकर भरने की जानकारी सामने आने पर पात्रता रद्द की गई.
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अपूर्ण ई-केवाईसी: लाखों महिलाएं समय सीमा तक अपना ई-केवाईसी वेरिफिकेशन पूरा नहीं कर पाई थीं.
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गलत आवेदन: कई मामलों में पुरुषों द्वारा या एक ही आधार नंबर पर कई बार किए गए आवेदनों को सिस्टम ने रिजेक्ट कर दिया है.
मार्च और अप्रैल की किस्त पर ताजा अपडेट
योजना के तहत मिलने वाली 1,500 रुपये की मासिक सहायता पिछले दो महीनों (मार्च और अप्रैल) से कई महिलाओं के खाते में नहीं पहुंची थी. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष की समाप्ति और ई-केवाईसी प्रक्रिया में व्यस्तता के कारण इसमें देरी हुई थी. अब खबर है कि पात्र महिलाओं के खातों में 15 मई 2026 तक मार्च और अप्रैल की संयुक्त किस्त के रूप में 3,000 रुपये एक साथ जमा किए जा सकते हैं.
कैसे चेक करें अपना स्टेटस?
जिन महिलाओं ने आवेदन किया है, वे यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनका नाम अभी भी पात्र सूची में है, 'माझी लाडकी बहिन' के आधिकारिक पोर्टल (ladakibahin.maharashtra.gov.in) पर जाकर अपना 'एप्लिकेशन स्टेटस' चेक कर सकती हैं. इसके अलावा, लाभार्थी अपनी बैंक शाखा में जाकर यह भी जांचें कि उनका आधार नंबर बैंक खाते से लिंक है और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) की सुविधा सक्रिय है या नहीं.
योजना का लक्ष्य और वर्तमान स्थिति
'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' का उद्देश्य राज्य की 21 से 65 वर्ष की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना और उनके पोषण व स्वास्थ्य में सुधार करना है. शुरुआत में लगभग 2.43 करोड़ पंजीकरण हुए थे, लेकिन अब पात्र लाभार्थियों की संख्या घटकर लगभग 1.89 करोड़ रह गई है. सरकार का कहना है कि यह सख्त कदम इसलिए उठाए गए हैं ताकि योजना का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद महिलाओं तक ही पहुंचे.












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