Western Railway ने दुनिया की पहली लेडीज़ स्पेशल ट्रेन के 34 साल पूरे होने का जश्न मनाया, महिला यात्रियों को बांटे गुलाब; देखें VIDEO
(Photo Credits Twitter)

 Western Railway News:  मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों के इतिहास में एक बेहद भावुक और गर्व का क्षण आया जब पश्चिम रेलवे (WR) ने दुनिया की पहली 'लेडीज स्पेशल' ट्रेन (Ladies Special Train) के सफल परिचालन के 34 साल पूरे होने का जश्न मनाया. इस विशेष अवसर पर सोमवार को चर्चगेट से बोरीवली के बीच चलने वाली लेडीज स्पेशल ट्रेन में महिला यात्रियों का स्वागत गुलाब के फूल देकर किया गया.

गुलाब के साथ यात्रियों का स्वागत

वर्षगांठ का मुख्य आयोजन शाम 5:39 बजे चर्चगेट से रवाना होने वाली बोरीवली लेडीज स्पेशल लोकल में हुआ. ट्रेन के कोच में पश्चिम रेलवे की महिला स्टाफ सदस्यों ने यात्रियों को गुलाब के फूल भेंट किए. रेलवे द्वारा साझा किए गए दृश्यों में महिला कर्मचारी और यात्री इस ऐतिहासिक पल को मुस्कुराते हुए और तस्वीरें खिंचवाते हुए मनाते नजर आए.  यह भी पढ़े:  Western Railway: पश्चिम रेलवे की बिना टिकट यात्रियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 9 महीनों में वसूला ₹155 करोड़ का जुर्माना

34 साल पूरे होने का जश्न मनाया

5 मई 1992: एक क्रांतिकारी शुरुआत

मुंबई के उपनगरीय नेटवर्क में महिलाओं के लिए सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 5 मई 1992 को पहली महिला विशेष ट्रेन शुरू की गई थी.

  • उद्घाटन: इस सेवा को पूर्व केंद्रीय मंत्री राम नाईक ने हरी झंडी दिखाई थी.

  • विस्तार: शुरुआत में यह सेवा चर्चगेट और बोरीवली के बीच चली, जिसे यात्रियों की भारी मांग के बाद 1993 में विरार तक बढ़ा दिया गया.

  • मौजूदा स्थिति: वर्तमान में पश्चिम रेलवे पीक आवर्स के दौरान प्रतिदिन 10 लेडीज स्पेशल सेवाएं संचालित करता है.

महिला सशक्तिकरण का प्रतीक

90 के दशक में मुंबई में औद्योगिक और व्यावसायिक विकास के साथ कामकाजी महिलाओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई थी. उस समय नियमित ट्रेनों के महिला डिब्बों में चढ़ना एक बड़ी चुनौती थी. 'लेडीज स्पेशल' ने न केवल यात्रा को सुलभ बनाया बल्कि महिला यात्रियों के बीच एक मजबूत सामुदायिक भावना भी पैदा की.

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह सेवा आज भी मुंबई की कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे भरोसेमंद परिवहन माध्यम बनी हुई है. 34 वर्षों का यह सफर दर्शाता है कि किस तरह एक छोटी सी शुरुआत ने लाखों महिलाओं के दैनिक जीवन को आसान और सुरक्षित बना दिया.