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Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहन योजना पर एक्शन में महाराष्ट्र सरकार, e-KYC के बाद 65 लाख अपात्र महिलाएं सूची से बाहर, दिए गए पैसे वसूल सकती है?

महाराष्ट्र सरकार ने 'लाडकी बहिन' योजना के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 65 लाख अपात्र लाभार्थियों को सूची से बाहर कर दिया है. अब सरकार इन अपात्रों से भुगतान की गई राशि की वसूली करने की तैयारी में है.

Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहन योजना पर एक्शन में महाराष्ट्र सरकार, e-KYC के बाद 65 लाख अपात्र महिलाएं सूची से बाहर, दिए गए पैसे वसूल सकती है?
Ladki Bahin Yojana Update

Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'लाडकी बहिन' योजना में बड़े पैमाने पर छंटनी की गई है. 30 अप्रैल की ई-केवाईसी (e-KYC) समय सीमा समाप्त होने के बाद, सरकार ने सत्यापन प्रक्रिया के जरिए लगभग 65 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित कर योजना से बाहर कर दिया है. शुरुआती चरण में नामांकित 2.46 करोड़ लाभार्थियों की संख्या अब घटकर 1.81 करोड़ रह गई है. मिडडे की रिपोर्ट के अनुसार सरकार अब उन अपात्र लाभार्थियों से पैसा वसूलने की योजना बना रही है जिन्होंने गलत तरीके से योजना का लाभ उठाया.

सत्यापन के बाद लाभार्थियों की संख्या में भारी गिरावट

साल 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करना था. हालांकि, योजना के कार्यान्वयन के दौरान अपात्र लोगों द्वारा लाभ लेने की खबरें सामने आई थीं. इसके बाद, सरकार ने नवंबर 2025 से सत्यापन अभियान शुरू किया था. कई बार समय सीमा बढ़ाने के बाद, 30 अप्रैल 2026 को अंतिम कट-ऑफ तिथि घोषित की गई, जिसके बाद डेटा को पूरी तरह साफ कर दिया गया है. यह भी पढ़े:   Ladki Bahin Yojana Update: e-KYC के बाद 1.88 करोड़ महिलाएं पात्र, मार्च और अप्रैल की किस्त जल्द जारी होने की संभावना

बजट आवंटन में भी की गई कटौती

लाभार्थियों की संख्या घटने का सीधा असर राज्य के खजाने और बजट पर पड़ा है. जब योजना शुरू हुई थी, तब सरकार ने सालाना 45,000 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया था. सत्यापन और छंटनी के बाद, 2025 के बजट में इसे घटाकर 36,000 करोड़ रुपये कर दिया गया था. 2026 के ताजा बजट में इस आवंटन को और कम किया गया है, जो योजना के अधिक सटीक और कड़े क्रियान्वयन को दर्शाता है.

वसूली प्रक्रिया और अधिकारियों का रुख

मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सरकार का अगला लक्ष्य उन 65 लाख अपात्र लाभार्थियों से धन की वसूली करना है जिन्हें पिछले महीनों में भुगतान किया गया था. हालांकि अधिकारियों का मानना है कि पूरी राशि की वसूली चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन जहां भी संभव होगा, कानूनी और प्रशासनिक माध्यमों से पैसा वापस लेने के प्रयास किए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक धन केवल जरूरतमंदों तक ही पहुंचे.

मार्च और अप्रैल की किश्तें फिलहाल लंबित

सत्यापन प्रक्रिया जारी रहने के कारण, पात्र लाभार्थियों को भी मार्च और अप्रैल महीने की किश्तें अभी तक प्राप्त नहीं हुई हैं. वर्तमान में मई का महीना चल रहा है और लाभार्थियों में भुगतान को लेकर चिंता बनी हुई है. मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सरकार मई के अंत तक या जून की शुरुआत में दो या तीन महीनों की रुकी हुई किश्तें एक साथ जारी कर सकती है.

योजना का भविष्य

लाडकी बहिन योजना राज्य की सबसे चर्चित कल्याणकारी योजनाओं में से एक रही है. सरकार का दावा है कि इस 'क्लीन-अप' अभियान से योजना में पारदर्शिता आएगी. अब केवल वही महिलाएं इसका लाभ ले सकेंगी जो पात्रता के सभी मानदंडों को पूरा करती हैं. भविष्य में भी किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को रोकने के लिए ई-केवाईसी और डिजिटल सत्यापन को अनिवार्य बनाए रखा जाएगा.


(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2026 10:37 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).