Maharashtra LPG Crisis: महाराष्ट्र में गैस संकट पर बोले सीएम फडणवीस, प्रदेश में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं, कांग्रेस सिर्फ अफवाह फैला रही है; VIDEO
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में एलपीजी की कमी से इनकार करते हुए कांग्रेस पर 'घबराहट' फैलाने का आरोप लगाया है. वहीं, मुंबई और नवी मुंबई में गैस के लिए लंबी कतारें लगी हैं और लगभग 40% होटल बंद होने की कगार पर हैं.
Maharashtra LPG Crisis: महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से जारी रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को चंद्रपुर में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में एलपीजी की कोई वास्तविक कमी नहीं है. उन्होंने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जनता के बीच भ्रम और डर का माहौल पैदा कर रहे हैं, जिसके कारण गैस वितरण केंद्रों पर अनावश्यक लंबी कतारें लग रही हैं. सीएम ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और ऑनलाइन बुकिंग का सहारा लें.
"कांग्रेस फैला रही है अफवाह": सीएम फडणवीस
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार और तेल कंपनियां लगातार आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा फैलाए गए 'पैनिक' के कारण लोग स्टॉक जमा करने की कोशिश कर रहे हैं. सीएम के अनुसार, "विपक्ष जानबूझकर ऐसी स्थिति पैदा कर रहा है जिससे लोग डरे हुए हैं. सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है." यह भी पढ़े: Smart Kitchen Strategy: गैस की बचत और ज्यादा मुनाफा, बिना LPG के बनने वाले इन फूड आइटम्स से बचाएं रेस्टोरेंट के हजारों रुपये
सीएम फडणवीस ने कांग्रेस पर बोला हमला
🕑 2.02pm | 14-3-2026📍Chandrapur.
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— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) March 14, 2026
धरातल पर स्थिति
भले ही सरकार आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रही हो, लेकिन मुंबई और नवी मुंबई के इलाकों से आ रही तस्वीरें कुछ और ही बयां कर रही हैं. नवी मुंबई के सानपाडा और पनवेल में लोग सुबह 3 बजे से ही खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के बाहर खड़े देखे जा रहे हैं. नागरिकों का कहना है कि वे कई दिनों से रिफिल के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें स्टॉक खत्म होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है.
होटल उद्योग पर बड़ा संकट
एलपीजी की कमी का सबसे बुरा असर कमर्शियल क्षेत्र पर पड़ा है. शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि गैस न मिलने के कारण मुंबई के लगभग 40% होटल और रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं. 'अहार' (AHAR) एसोसिएशन के अनुसार, कई छोटे भोजनालयों ने अब कोयले और लकड़ी के चूल्हों का उपयोग करना शुरू कर दिया है ताकि वे अपना व्यवसाय चालू रख सकें.
IRCTC और BMC ने अपनाए वैकल्पिक तरीके
गैस संकट को देखते हुए सरकारी संस्थानों ने भी अपने काम करने के तरीके बदल दिए हैं:
- IRCTC: रेलवे ने अपने वेस्ट जोन के सभी कैटरिंग यूनिट्स, फूड प्लाजा और 'जन आहार' केंद्रों को तत्काल प्रभाव से इंडक्शन और माइक्रोवेव जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों पर शिफ्ट होने का निर्देश दिया है.
- BMC कैंटीन: बीएमसी की मुख्य कैंटीन में भी अब खाना पकाने के लिए इलेक्ट्रिक स्टोव का अधिक उपयोग किया जा रहा है.
विपक्ष का तीखा हमला
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने सरकार पर तंज कसते हुए पूछा कि 'आत्मनिर्भर भारत' का दावा करने वाले अब कहां हैं, जब जनता धूप में एक-एक सिलेंडर के लिए तरस रही है. वहीं, संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय राजनीति में विफल रही है और अब जनता से सच छिपाने के लिए इसे 'अफवाह' का नाम दे रही है.
संजय राउत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश में गैस की कमी को लेकर झूठ बोल रही है. उन्होंने दावा किया कि मुंबई के 30 प्रतिशत रेस्टोरेंट और होटल गैस न होने के कारण बंद होने की कगार पर हैं. राउत के अनुसार, सरकार ने आश्वासन दिया था कि खाड़ी देशों के युद्ध का भारत पर असर नहीं होगा, लेकिन आज लोग गैस के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं.
भाजपा का पलटवार
संजय राउत के इस बयान पर भाजपा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा नेताओं ने इसे राउत की "मानसिक हताशा" करार देते हुए कहा कि वे विकास के मुद्दों पर बात करने के बजाय केवल व्यक्तिगत हमले और भद्दे मजाक करना जानते हैं. भाजपा का कहना है कि सरकार गैस आपूर्ति सामान्य करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण हो रही अस्थाई किल्लत को जल्द दूर कर लिया जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 14, 2026 03:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

