Thane Market Fire: महाराष्ट्र के ठाणे रेलवे स्टेशन के पास स्थित प्रसिद्ध गावदेवी सब्जी और कपड़ा बाजार (गामदेवी मार्केट) में गुरुवार तड़के भीषण आग लग गई. नौपाडा इलाके के गोखले रोड पर स्थित इस तीन मंजिला इमारत में लगी आग इतनी विकराल थी कि प्रशासन को 'ब्रिगेड कॉल' (अधिकतम दमकल संसाधनों की आवश्यकता वाली स्थिति) घोषित करनी पड़ी.
इस दर्दनाक हादसे में एक सुरक्षा गार्ड को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में दमकल विभाग के एक स्टेशन अधिकारी और खुद सुरक्षा गार्ड की जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से मौत हो गई. इसके अलावा आग बुझाने के अभियान में शामिल दो अन्य दमकल कर्मी गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह भी पढ़े: Mumbai Fire Breaks: कांदिवली की बहुमंजिला इमारत में लगी आग, 8 घायल, तीन आईसीयू में भर्ती
गावदेवी मार्केट में लगी भीषण आग
#WATCH | Maharashtra | A fire broke out in several shops in the Gaondevi Market near the Thane district station complex. Fire tenders are present at the spot and efforts to douse the fire are underway. pic.twitter.com/iaJPk5u9v8
— ANI (@ANI) May 21, 2026
तड़के सुबह भड़की आग, मची अफरा-तफरी
ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ (RDMC) के अनुसार, आग लगने की घटना सुबह करीब 3:45 बजे हुई. चूंकि उस समय अधिकांश लोग सो रहे थे, इसलिए शुरुआती दौर में आग पर किसी का ध्यान नहीं गया. धीरे-धीरे लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया.
इमारत के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर सब्जी, फल और रेडीमेड कपड़ों के स्टॉल थे, जबकि ऊपरी मंजिलों पर स्थानीय नगर पालिका प्रभाग समिति (वार्ड ऑफिस) का कार्यालय संचालित होता था. कपड़ों के अत्यधिक ज्वलनशील स्टॉक के कारण आग तेजी से फैली और देखते ही देखते आसमान में घने धुएं का गुबार छा गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई.
जान बचाने की कोशिश में दो की मौत
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रशांत रोडे ने घटना में दो मौतों की पुष्टि की है. मृतकों की पहचान ठाणे फायर ब्रिगेड के स्टेशन अधिकारी सागर शिंदे (43) और नगर निगम के सुरक्षा गार्ड कालू शंकर गाडेकर (53) के रूप में हुई है.
मराठी समाचार पत्र लोकसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, आग लगने के बाद सुरक्षा गार्ड कालू गाडेकर इमारत के भीतर फंस गए थे और करीब एक घंटे तक दमकल कर्मियों के साथ मोबाइल फोन पर संपर्क में थे. उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्टेशन अधिकारी सागर शिंदे अपनी जान जोखिम में डालकर इमारत के अंदर दाखिल हुए. शिंदे ने गाडेकर को ढूंढकर बाहर तो निकाल लिया, लेकिन तब तक अत्यधिक जहरीला धुआं शरीर में जाने और दम घुटने के कारण दोनों अचेत हो गए और उनकी जान चली गई.
दो अन्य दमकल कर्मी गंभीर रूप से झुलसे
इस राहत कार्य के दौरान आपदा प्रबंधन टीम के दो अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घायलों की पहचान फायर ब्रिगेड स्टेशन अधिकारी सुजीत पाश्ते (45) और स्क्वाड लीडर (तांडेल) समीर जाधव (40) के रूप में हुई है.
इन दोनों कर्मियों को तत्काल कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां गंभीर रूप से झुलस जाने के कारण उनका इलाज चल रहा है. एक अन्य ट्रेनी फायरमैन हर्ष धूमल (19) को भी धुआं शरीर में जाने के कारण सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है.
भारी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही ठाणे, मुंबई और आसपास के क्षेत्रों से 5 दमकल गाड़ियां, 3 जम्बो वॉटर टैंकर, 2 सामान्य टैंकर और 4 रेस्क्यू वाहन मौके पर भेजे गए. क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ (RDMC) के प्रमुख यासीन तडवी ने बताया कि संकरी गलियों और दुकानों के भीतर रखे कपड़ों के बड़े स्टॉक के कारण दमकल कर्मियों को ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
कई घंटों की लगातार कूलिंग और नियंत्रण अभियान के बाद आग को पूरी तरह से बुझाया जा सका और इसे पास की अन्य रिहायशी इमारतों में फैलने से रोका गया. इस भीषण अग्निकांड में पूरा बाजार परिसर और वार्ड कार्यालय जलकर खाक हो गया है. हालांकि, रात का समय होने के कारण कार्यालय बंद था, जिससे कोई बड़ा जनहानि का आंकड़ा नहीं बढ़ा. पुलिस और अग्निशमन विभाग आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं, जिसमें शॉर्ट सर्किट होने की प्राथमिक आशंका जताई जा रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस भीषण आग के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं.













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