Ladki Bahin Yojana Scam: BJP नेता किरीट सोमैया का बड़ा आरोप, मीरा-भाईंदर में लाडकी बहन योजना के लिए 3 हजार से ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए; VIDEO
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 Ladki Bahin Yojana Scam: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'लाडकी बहीण योजना' का लाभ उठाने और एसआयआर (SIR) प्रक्रिया से बचने के लिए मिरा-भाईंदर शहर में बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि शहर में 3,000 से अधिक संदिग्ध जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए हैं. इनमें से 1,595 प्रमाण पत्र केवल रिकॉर्ड में सुधार (दुरुस्ती) के नाम पर दोबारा जारी किए गए हैं.

किरीट सोमैया ने की नगर निगम आयुक्त से मुलाकात

राज्य के विभिन्न नगर निगमों में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बांटे जाने की शिकायतें मिलने के बाद किरीट सोमैया ने प्रभावित नागरिक क्षेत्रों का दौरा शुरू किया है. इसी सिलसिले में उन्होंने मिरा-भाईंदर नगर निगम (MBMC) के मुख्यालय का दौरा किया. वहां उन्होंने निगम आयुक्त राधाविनेश्वर और पूर्व महापौर डिंपल मेहता से मुलाकात कर इस कथित घोटाले से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराने की मांग की.  यह भी पढ़े:  Ladki Bahin Yojana: e-KYC वेरिफिकेशन के बाद करीब 70 लाख महिलाएं सूची से बाहर, पात्र लाभार्थियों के खातों में मार्च और अप्रैल के ₹3000 जमा

किरीट सोमैया का बड़ा आरोप

सुधार के नाम पर बदले गए नाम और पहचान

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए किरीट सोमैया ने दावा किया कि मिरा-भाईंदर शहर में लगभग 3,000 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र सक्रिय हैं. उन्होंने बताया कि इनमें से 1,595 मामलों में मूल रिकॉर्ड में 'सुधार' करने के बहाने नए सिरे से प्रमाण पत्र जारी किए गए. आरोप है कि इस प्रशासनिक प्रक्रिया की आड़ में मूल आवेदकों के नाम बदलकर पूरी तरह से नए और अज्ञात नामों से सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए. मिरा रोड क्षेत्र में ऐसे कम से कम 7 मामलों की पुष्टि हो चुकी है.

मार्च और अप्रैल की किस्तें हो चुकी हैं जारी

यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब योजना का क्रियान्वयन तेजी से चल रहा है. विभागीय जानकारी के अनुसार, पात्र महिला लाभार्थियों के खातों में मार्च और अप्रैल महीनों की वित्तीय सहायता राशि (किस्त) पहले ही सफलतापूर्वक ट्रांसफर की जा चुकी है. अब इस नए खुलासे के बाद आशंका जताई जा रही है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपात्र लोगों ने भी इस सरकारी सहायता राशि का लाभ उठा लिया है. प्रशासन अब ऐसे खातों की पहचान करने में जुट गया है.

विदेशी घुसपैठियों द्वारा दुरुपयोग का दावा

किरीट सोमैया ने इस मामले को सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील बताया है. उन्होंने दावा किया कि इन फर्जी प्रमाण पत्रों को मुख्य रूप से अवैध रूप से रह रहे विदेशी घुसपैठियों ने एसआयआर की जांच प्रक्रिया से बचने के लिए तैयार करवाया है. इसके साथ ही, इन्हीं जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर राज्य सरकार की लाडकी बहीण योजना के तहत मिलने वाली राशि को भी अवैध तरीके से निकाला जा रहा है.

इस कथित फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और सरकार पर दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है. नगर निगम अधिकारियों ने मामले की आंतरिक जांच शुरू करने और संदिग्ध पाए जाने वाले सभी जन्म प्रमाण पत्रों को तत्काल रद्द करने का आश्वासन दिया है.