Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' (Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana) को लेकर इस हफ्ते दो अत्यंत महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं. सरकार द्वारा अनिवार्य की गई ई-केवायसी (e-KYC) सत्यापन प्रक्रिया की समयसीमा समाप्त होने के बाद लाभार्थी सूची में बड़ा बदलाव हुआ है. इसके साथ ही पिछले दो महीनों से रुकी हुई वित्तीय सहायता राशि को भी सरकार ने सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में जारी करना शुरू कर दिया है.
e-KYC के बाद 70 लाख महिलाएं सूची से बाहर
योजना में पारदर्शिता लाने और फर्जी आवेदनों को रोकने के लिए सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवायसी (e-KYC) कराना अनिवार्य किया था. इसके लिए अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की गई थी. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहनों के लिए खुशखबरी! पात्र लाभार्थियों के खातों में जल्द आएंगे मार्च और अप्रैल के पैसे; ऐसे करें बैलेंस चेक
आधिकारिक डेटा के अनुसार, राज्य भर से प्राप्त लगभग 2.47 करोड़ आवेदनों में से केवल 1 करोड़ 77 लाख महिलाएं ही अंतिम रूप से पात्र पाई गई हैं. इसका सीधा अर्थ है कि करीब 70 लाख महिलाएं ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी न करने, बैंक खाते से आधार लिंक न होने या गलत जानकारी भरने के कारण योजना से बाहर हो गई हैं. इस छंटनी के बाद सरकार पर मासिक वित्तीय बोझ 3,600 करोड़ रुपये से घटकर 2,655 करोड़ रुपये रह गया है.
दमार्च और अप्रैल की रुकी किस्तें जारी
पिछले दो महीनों से तकनीकी जांच और केवायसी वेरिफिकेशन के चलते लाभार्थी महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर नहीं हो पा रहे थे. अब सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही सरकार ने मार्च और अप्रैल 2026 की किस्तें एक साथ जारी कर दी हैं.
14 और 15 मई 2026 से पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 3,000 रुपये (1,500 रुपये प्रति माह) की संयुक्त राशि जमा होनी शुरू हो गई है. वहीं, योजना के तहत आने वाली जिन महिलाओं को पीएम किसान या नमो शेतकरी महासन्मान निधि का लाभ मिलता है, उन्हें नियमानुसार 500 रुपये की राशि ट्रांसफर की जा रही है. अब लाभार्थी महिलाएं आधिकारिक पोर्टल या अपने बैंक में जाकर पेमेंट स्टेटस चेक कर सकती हैं.
अपात्र या छूटी हुई महिलाओं के लिए क्या है विकल्प?
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन ई-केवायसी की प्रक्रिया अब पूरी तरह से बंद कर दी गई है. हालांकि, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जो वास्तविक और पात्र महिलाएं केवल तकनीकी खराबी या दस्तावेजी कमियों के कारण इस सूची से बाहर हुई हैं, उन्हें एक अंतिम अवसर दिया जाएगा.
ऐसी प्रभावित महिलाएं अब सीधे अपने जिले के 'जिला महिला विकास विभाग' (District Women and Child Development Office) कार्यालय में जाकर अपने भौतिक दस्तावेज जमा करा सकती हैं. वहां अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की उचित जांच और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करने के बाद उन्हें दोबारा योजना से जोड़ने पर विचार किया जाएगा.
क्या समय पर मिलेगी मई महीने की किस्त?
मार्च और अप्रैल महीने की राशि मिलने के बाद अब लाभार्थियों के बीच मई महीने की किस्त को लेकर उत्सुकता है. चूंकि मई महीने के शुरुआती दो हफ्ते सत्यापन प्रक्रिया में निकल गए, इसलिए इस महीने की 1,500 रुपये की किस्त मई के आखिरी सप्ताह या जून के पहले सप्ताह तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है. लाभार्थी संख्या स्पष्ट हो जाने के बाद अब सरकार का लक्ष्य हर महीने समय पर वित्तीय सहायता प्रदान करना है.













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