Ladki Bahin Yojana: 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' के तहत मार्च और अप्रैल महीने की संयुक्त किस्त जारी होने के बाद भी कई पात्र महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर नहीं हो सके हैं. तकनीकी कमियों और ई-केवायसी (e-KYC) न होने के कारण उपजे इस असमंजस के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य की महिलाओं को बड़ा आश्वासन दिया है. अंधेरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि ई-केवायसी की प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी, लेकिन किसी भी पात्र महिला को इस योजना के लाभ से वंचित नहीं होने दिया जाएगा.
पात्र महिलाओं को मिलेगा सुधार का पूरा मौका
योजना के तहत हाल ही में मार्च और अप्रैल महीने के कुल 3,000 रुपये कई लाभार्थियों के खातों में भेजे गए हैं. हालांकि, राज्य में करीब 70 लाख आवेदनों को अपात्र या त्रुटिपूर्ण घोषित किए जाने के कारण लाखों महिलाएं इस किस्त से चूक गईं. कई महिलाओं के मन में यह सवाल था कि क्या उन्हें दोबारा ई-केवायसी कराने का मौका मिलेगा. इस पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा रहा है और सरकार हर पात्र महिला तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहनों के लिए खुशखबरी! पात्र लाभार्थियों के खातों में जल्द आएंगे मार्च और अप्रैल के पैसे; ऐसे करें बैलेंस चेक
हमारा एजेंडा सत्ता की कुर्सी नहीं, लोगों का दिल जीतना: शिंदे
अंधेरी के शेर-ए-पंजाब नगर में आयोजित लाडकी बहीण सम्मान समारोह और शिवसेना के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य एजेंडा सत्ता की कुर्सी हासिल करना नहीं, बल्कि जनता के दिलों में अपनी जगह बनाना है. उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि हमने करीबी से गरीबी देखी है और हमारी मां-पत्नी ने जिस तरह से तंगहाली में घर चलाया है, उसे हम अच्छे से समझते हैं. यही कारण है कि यह सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है.
ऑनलाइन बाधाओं को दूर करने के लिए ऑफलाइन विकल्प
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इंटरनेट की समस्या, सर्वर डाउन होने, आधार-बँक लिंकिंग में गड़बड़ी और मोबाइल नंबर बदलने जैसी दिक्कतों के कारण लाखों महिलाएं समय पर अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड नहीं कर पाई थीं. इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने अब सीधे जिला स्तर पर दस्तावेज स्वीकार करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. जिन महिलाओं की ऑनलाइन प्रक्रिया अधूरी रह गई थी, वे अब जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में जाकर प्रत्यक्ष रूप से अपने दस्तावेज सत्यापित करा सकती हैं. इसके लिए विशेष सहायता केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं.
बैंक खातों में पहुंची दो महीनों की संयुक्त किस्त
इस बीच, योजना के सुचारू संचालन के तहत पात्र महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर होने की प्रक्रिया तेज हो गई है. बीते गुरुवार (14 मई) और उसके अगले दिन राज्य की लाखों महिलाओं के मोबाइल पर 1,500-1,500 रुपये जमा होने के संदेश प्राप्त हुए. सरकार द्वारा दो दिनों के भीतर कुल 3,000 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए हैं, जो मार्च और अप्रैल महीने की बकाया राशि है. जिन महिलाओं के दस्तावेज अब ऑफलाइन माध्यम से सही पाए जाएंगे, उन्हें भी आने वाले चरणों में इस योजना का पूरा लाभ दिया जाएगा.













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