भोपाल/नोएडा, 18 मई: नोएडा (Noida) की रहने वाली 33 वर्षीय पूर्व मिस पुणे त्विषा शर्मा (Twisha Sharma) की भोपाल (Bhopal) स्थित ससुराल में हुई संदिग्ध मौत (Suspicious Death) के मामले में जांच तेज हो गई है. कटारा हिल्स (Katara Hills) स्थित आवास पर 12 मई की रात त्विषा का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था. इस मामले में पुलिस ने उनके पति वकील समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह (सेवानिवृत्त जिला जज) के खिलाफ घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है. अब त्विषा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उनका आखिरी संकटकालीन संदेश (Distress Message) सामने आने के बाद मृतका के परिवार ने सबूतों से छेड़छाड़ और मामले को दबाने का गंभीर आरोप लगाया है. यह भी पढ़ें: Lakhimpur Kheri Road Accident: लखीमपुर खीरी में ट्रक और वैन के बीच भीषण टक्कर, 10 की मौत; PM मोदी-सीएम योगी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
'मैं फंस गई हूँ भाई'— मौत से पहले आखिरी चैट
मौत से कुछ समय पहले त्विषा ने अपनी एक करीबी सहेली को इंस्टाग्राम पर एक मैसेज भेजा था, जो अब इस जांच का मुख्य केंद्र बन गया है. त्विषा ने लिखा था: 'मैं फंस गई हूँ भाई। बस तू मत फंसना. ज्यादा बात नहीं कर सकती. सही समय आने पर कॉल करूंगी.' सहेली ने इस पर चिंता व्यक्त की, लेकिन इसके बाद त्विषा का कोई कॉल नहीं आया.
परिवार के अनुसार, घटना की रात करीब 10:05 बजे त्विषा ने अपनी मां से भी फोन पर बात की थी और ससुराल वालों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न का जिक्र किया था. भारतीय सेना में मेजर उनके भाई हर्षित शर्मा ने बताया कि जैसे ही उनके पति ने कमरे में प्रवेश किया, फोन अचानक कट गया. इसके बाद परिवार ने रात 10:15 बजे सास से संपर्क कर त्विषा को देखने का आग्रह किया। रात 10:20 बजे परिवार को सूचित किया गया कि त्विषा की सांसें नहीं चल रही हैं. अस्पताल केवल 10 मिनट की दूरी पर था, लेकिन परिवार का आरोप है कि उसे इलाज के लिए ले जाने में जानबूझकर देरी की गई. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
'मैं फँस गई हूँ', अपनी मौत से पहले दोस्त से आखिरी बातचीत में बोलीं ट्विशा शर्मा
"I am trapped bro"
Twisha Sharma, a Noida girl died under mysterious circumstances at her in-laws place in Bhopal, barely 5 months after her marriage in December 2025. This is one of the last messages she sent to her brother. https://t.co/2qDC7VXzbb pic.twitter.com/0VxlJX6miN
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) May 18, 2026
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान और गायब सबूत
एम्स (AIIMS) भोपाल में किए गए पोस्टमार्टम में मौत का प्राथमिक कारण फांसी लगाना बताया गया है. हालांकि, फॉरेंसिक निष्कर्षों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
- चोट के निशान: रिपोर्ट के अनुसार, त्विषा के शरीर के अन्य हिस्सों पर मृत्यु से पहले की कई चोटें (Antemortem Injuries) पाई गई हैं, जो किसी कुंद वस्तु (Blunt Force) के प्रहार से लग सकती हैं.
- लापता फंदा: फॉरेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से नोट किया गया है कि जिस फंदे (Ligature Material) से फांसी लगाई गई थी, वह जांच अधिकारी (IO) द्वारा परीक्षण के लिए प्रस्तुत ही नहीं किया गया, जो कि घटना स्थल के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाता है.
- टॉक्सिकोलॉजी विश्लेषण में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ के सेवन की पुष्टि नहीं हुई है.
जबरन गर्भपात और ₹20 लाख के शेयर का दबाव
मेजर हर्षित शर्मा ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में एक डेटिंग ऐप के जरिए मुलाकात के बाद समर्थ सिंह से शादी के बाद से ही उनकी बहन को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. आरोप है कि ससुराल वालों ने बच्चे की वैधता पर सवाल उठाते हुए हाल ही में त्विषा का उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन गर्भपात (Medical Termination of Pregnancy) कराया था. इसके अलावा, ससुराल वाले त्विषा पर दबाव बना रहे थे कि वह अपने पिता द्वारा उपहार में दिए गए करीब 20 लाख रुपये के शेयर और वित्तीय निवेश को अपने पति के नाम पर ट्रांसफर कर दे.
एसआईटी (SIT) का गठन और कानूनी स्थिति
त्विषा के परिवार द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन और बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है.
पीड़ित परिवार ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एम्स दिल्ली में दोबारा स्वतंत्र पोस्टमार्टम कराने और पूरे अदालती ट्रायल को मध्य प्रदेश से बाहर किसी अन्य राज्य की अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की है. इस बीच, स्थानीय अदालत ने पूर्व जिला जज (सास) गिरीबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है, जबकि मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार, 18 मई को सुनवाई होनी तय है.













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