Mumbai to Hyderabad in 3 Hours: हैदराबाद से मुंबई सिर्फ 3 घंटे में! पुणे होकर 671 KM हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की DPR तैयार, जानें पूरी डिटेल
(Photo Credits ANI)

 Mumbai to Hyderabad in 3 Hours: मुंबई और हैदराबाद के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर आई है. इन दोनों महानगरों के बीच सफर के समय को नाटकीय रूप से कम करने के लिए प्रस्तावित 'मुंबई-पुणे-राबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर' को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने तेलंगाना सरकार को सूचित किया है कि इस महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के रूट का सर्वे पूरा कर लिया गया है और इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दे दिया गया है.

12 से 15 घंटे का सफर महज 3 घंटे में होगा पूरा

इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के शुरू होने से मुंबई और हैदराबाद के बीच की दूरी न्यूनतम 2 घंटे 55 मिनट और अधिकतम 3 घंटे 13 मिनट में पूरी की जा सकेगी. वर्तमान समय में इन दोनों शहरों के बीच सड़क मार्ग से यात्रा करने में लगभग 12 घंटे और पारंपरिक रेलवे सेवाओं से 15 घंटे तक का समय लग जाता है. इस परियोजना के आने से यात्रियों के समय की भारी बचत होगी.  यह भी पढ़े:  Bullet Train: भारत में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का सपना साकार होने के करीब, जापान में भारतीय लोको पायलटों की ट्रेनिंग का VIDEO वायरल

तीन राज्यों से होकर गुजरेगा 671 किलोमीटर का रूट

यह प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर कुल 671 किलोमीटर लंबा होगा, जो तीन राज्यों- महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना से होकर गुजरेगा. इस पूरे रूट का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 457 किलोमीटर महाराष्ट्र में आता है. इसके अलावा, 121 किलोमीटर का हिस्सा कर्नाटक में और 93 किलोमीटर का हिस्सा तेलंगाना में पड़ेगा. दुर्गम इलाकों और रास्तों से निपटने के लिए इस कॉरिडोर को आधुनिक एलिवेटेड ट्रैक्स (मेट्रो रेल की तरह), अंडरग्राउंड सेक्शन, सुरंगों और बड़े नदी पुलों के साथ डिजाइन किया गया है.

महाराष्ट्र के खंडाला घाट में बनेगी 35 किमी लंबी अंडरग्राउंड सुरंग

तकनीकी रूप से इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा महाराष्ट्र का खंडाला घाट सेक्शन होगा. इस पहाड़ी इलाके में रास्ता बनाने के लिए 13 अलग-अलग स्थानों पर कुल 24 किलोमीटर लंबी सुरंगें बनाने का प्रस्ताव है. इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र के तीन अलग-अलग स्थानों को मिलाकर कुल 35.30 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड (भूमिगत) ट्रैक भी तैयार किया जाएगा.

101 पुलों का होगा निर्माण

नदियों और घाटियों को पार करने के लिए इस कॉरिडोर के तहत कुल 101 पुलों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें 13 विशेष स्टील ब्रिज भी शामिल होंगे. प्रस्तावित प्रमुख पुलों में मुला-मुथा नदी पर 360 मीटर लंबा पुल, भीमा नदी पर 280 मीटर लंबा पुल और बोरी नदी पर 225 मीटर लंबा पुल शामिल है.

रोजाना 63,000 से अधिक यात्री करेंगे सफर

यात्रियों की संख्या को लेकर किए गए शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस सेवा के शुरू होने वाले पहले वर्ष (जिसके वर्ष 2050 के आसपास होने की संभावना है) में रोजाना 63,000 से अधिक लोग इस बुलेट ट्रेन का उपयोग करेंगे. अधिकारियों का अनुमान है कि वर्ष 2061 तक दैनिक यात्रियों की यह संख्या तेजी से बढ़कर 1.5 लाख के पार पहुंच जाएगी.