Animal Ambulance: महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई इलाके में सड़क हादसों और बीमारियों का शिकार होने वाले बेसहारा व आवारा पशुओं को समय पर इलाज देने के लिए एक सराहनीय पहल की शुरुआत की गई है. सामाजिक संस्था 'अरहम युवा सेवा ग्रुप' (Arham Yuva Seva Group) द्वारा वसई क्षेत्र में विशेष एनिमल एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है. इस विशेष एम्बुलेंस के संचालन से सड़कों पर दुर्घटना के कारण तड़पने वाले या गंभीर बीमारी से पीड़ित मूक पशुओं को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सकेगी, जिससे उनकी जान बचाई जा सकेगी.
ऑन-बोर्ड डॉक्टर और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा से लैस
स्थानीय समाचारों के अनुसार, बेसहारा पशुओं के लिए शुरू की गई यह एम्बुलेंस सेवा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. इस एम्बुलेंस में हमेशा प्राथमिक उपचार (First-Aid) की सुविधाएं और एक पशु चिकित्सक (Veterinary Doctor) ऑन-बोर्ड तैनात रहेंगे. किसी भी आपातकालीन स्थिति में, घायल या बीमार जानवरों को पहले मौके पर ही एम्बुलेंस के भीतर चिकित्सा देखभाल दी जाएगी. इसके बाद, यदि जानवर की स्थिति गंभीर होती है, तो उसे तुरंत आगे के इलाज के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय में स्थानांतरित (Transport) किया जाएगा.
हेल्पलाइन नंबर जारी, रविवार को हुआ उद्घाटन
अरहम युवा सेवा ग्रुप ने इस सेवा को सुचारू रूप से चलाने और नागरिकों की सहायता के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 7662005409 भी जारी किया है. वसई-विरार क्षेत्र का कोई भी नागरिक इस नंबर पर कॉल करके घायल जानवर की सूचना दे सकता है. इस एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत राष्ट्रसंत परम गुरुदेव श्री नम्रमुनि महाराज साहेब की प्रेरणा और मार्गदर्शन से की गई है. इस विशेष एम्बुलेंस का आधिकारिक लोकार्पण (Inauguration) समारोह रविवार, 17 मई 2026 को वसई पश्चिम के स्वामीनारायण मंदिर परिसर में आयोजित किया गया था.
पशु प्रेमियों ने किया स्वागत, जानवरों को मिलेगा नया जीवन
इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन बेसहारा कुत्तों, बिल्लियों और अन्य प्रजातियों के जानवरों की मदद करना है जो आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं. अक्सर समय पर इलाज या एम्बुलेंस न मिलने के कारण ये जानवर दम तोड़ देते हैं. वसई के स्थानीय प्राणिमित्रों (Animal Lovers) और नागरिकों ने संस्था के इस संवेदनशील कदम की काफी सराहना की है.
मुंबई और पुणे में भी चल रही हैं ऐसी मुहिम
पशु कल्याण (Animal Welfare) की दिशा में महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भी इस तरह के प्रयास तेजी से बढ़ रहे हैं. हाल ही में पुणे में गीतांजलि द्वारा 2019 में स्थापित गैर-लाभकारी संस्था 'साहस' (SAAHAS) के बारे में रिपोर्ट आई थी, जो वर्तमान में 131 आवारा और परित्यक्त जानवरों की देखभाल कर रही है.
यह संस्था मुफ्त चिकित्सा देखभाल, बचाव, पुनर्वास और गौशाला सहायता प्रदान करती है. इसके अलावा, इसी साल मार्च में अभिनेत्री ईशा देओल ने अर्जुन कंधारी फाउंडेशन द्वारा मुंबई की पहली मेगा एनिमल एम्बुलेंस पहल को हरी झंडी दिखाई थी, जो मुंबई महानगर क्षेत्र में पशु कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है.













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