Nawab Malik On CM Fadnavis: सीएम देवेंद्र फडणवीस के बयान पर NCP ने साधा निशाना, नवाब मलिक ने कहा- 'हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव ज्यादा दिन नहीं चलेगा'
(Photo credits FB)

मुंबई, 4 जनवरी: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एनसीपी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की 'हिंदू मराठी मेयर' टिप्पणी पर निशाना साधा है. एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव बनाकर ज्यादा दिन नहीं चलेगा. जो उम्मीदवार लोगों से जुड़े हुए हैं, वही चुनाव जीतेंगे. नवाब मलिक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि महाराष्ट्र भाषा के आधार पर बना और मुंबई में जन्मे सभी लोग मुंबईवासी हैं. कुछ लोग धर्म के आधार पर बंटवारा चाहते हैं, कुछ लोग भाषा के नाम पर बंटवारा चाहते हैं. जो हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव बनाया जा रहा है, वह ज्यादा दिन नहीं चलेगा. यह भी पढ़ें: BMC Election 2026: मुंबई के चुनावी रण में अब 1,700 उम्मीदवार; जांच और नाम वापसी के बाद अंतिम तस्वीर साफ

उन्होंने कहा, "जब किसी पार्टी को हार का डर लगता है तो वह धर्म का सहारा लेती है. चुनाव हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे पर नहीं हो रहा है. मुंबई के वार्ड में अलग-अलग परिस्थितियां हैं और अलग-अलग तरीके से चुनावी मुद्दे हैं. जो उम्मीदवार लोगों से जुड़े हुए हैं, वही चुनाव जीतेंगे. हम (एनसीपी) सबको साथ लेकर चुनाव लड़ रहे हैं. हमने सभी धर्मों के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है."

नवाब मलिक ने एआईएमआईएम या समाजवादी पार्टी (सपा) पर कहा कि इन दलों से कोई सीधा मुकाबला नहीं है. ज्यादातर सीटों पर हमारी सीधी लड़ाई भाजपा और शिंदे गुट से है. एआईएमआईएम और समाजवादी पार्टी सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित हैं. जिस विधानसभा क्षेत्र से मैंने खुद चुनाव लड़ा था, वहां करीब 9 सीटें हैं. हमें भरोसा है कि हमारी पार्टी इन 9 सीटों में से कम से कम 3 सीटें जीतेगी.

एनसीपी नेता ने कहा कि पार्टी बीएमसी चुनावों में 94 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और 3 सीटों पर जहां हमारे कार्यकर्ता नॉमिनेशन फाइल नहीं कर पाए, वहां हमने अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. कुल मिलाकर, एनसीपी 97 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. कैंपेनिंग अब शुरू हो गई है और निश्चित रूप से हमें जीत मिलेगी.

नवाब मलिक ने भाजपा के साथ सरकार में गठबंधन को लेकर कहा, "हम अपने विचारों के साथ सरकार में हैं. मुद्दा सरकार में रहने का नहीं, बल्कि विचारधारा का है. हमने पहले ही तय कर लिया था कि हम चुनाव अलग-अलग लड़ेंगे. दादा (अजित पवार) ने भी कहा था कि हमें अलग-अलग चुनाव लड़ना चाहिए. भाजपा हमारा विरोध कर रही थी."

उन्होंने कहा कि हम अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ रहे हैं. हमें उम्मीद है कि भाजपा की कई सीटों पर एनसीपी को जीत मिलेगी. एकनाथ शिंदे के क्षेत्र में भी हमारी पार्टी को जीत मिलेगी. हमें उम्मीद है कि मुंबई शहर में 30 से अधिक सीटों पर एनसीपी को सफलता मिलेगी.