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Maharashtra Budget Session 2026-27: महाराष्ट्र बजट सत्र रचेगा इतिहास, पहली बार दोनों सदनों में कोई विपक्ष का नेता नहीं

महाराष्ट्र विधानमंडल के इतिहास में सोमवार से एक अभूतपूर्व अध्याय शुरू होने जा रहा है. राज्य के संसदीय इतिहास में यह पहली बार होगा जब विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों में 'नेता प्रतिपक्ष' का पद रिक्त रहते हुए बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होगी. यह सत्र राजनीतिक और वित्तीय, दोनों ही दृष्टियों से राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

Maharashtra Budget Session 2026-27: महाराष्ट्र बजट सत्र रचेगा इतिहास, पहली बार दोनों सदनों में कोई विपक्ष का नेता नहीं
(Photo Credits ANI)

Maharashtra Budget Session 2026-27:  महाराष्ट्र विधानमंडल के इतिहास में सोमवार से एक अभूतपूर्व अध्याय शुरू होने जा रहा है. राज्य के संसदीय इतिहास में यह पहली बार होगा जब विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों में 'नेता प्रतिपक्ष' का पद रिक्त रहते हुए बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होगी. यह सत्र राजनीतिक और वित्तीय, दोनों ही दृष्टियों से राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

विपक्ष की अनुपस्थिति

संसदीय लोकतंत्र में वार्षिक बजट पर चर्चा और सरकारी खर्च की निगरानी के लिए विपक्ष की भूमिका अनिवार्य होती है. सामान्यतः नेता प्रतिपक्ष ही बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हैं. हालांकि, वर्तमान में दोनों सदनों में किसी भी विपक्षी दल के पास कुल सदस्यता का 10% बल नहीं है.  यह भी पढ़े: Bihar Budget 2026-27: बिहार में नीतीश सरकार ने 3.47 लाख करोड़ रुपये का पेश किया बजट, जानें किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों समेत अन्य को क्या मिला

लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष गणेश वासुदेव मावलंकर द्वारा स्थापित मानदंडों के अनुसार, न्यूनतम 10% सदस्य संख्या न होने के कारण विधानसभा अध्यक्ष और परिषद के सभापति ने फिलहाल किसी को भी नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता नहीं दी है.

अजित पवार के निधन के बाद नई चुनौतियां

यह सत्र 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन की छाया में आयोजित हो रहा है. यदि वे जीवित होते, तो यह उनके करियर का 12वां बजट होता. अब उनकी अनुपस्थिति में बजट पेश करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर है, जो राज्य की आर्थिक स्थिति को संभालने की चुनौती का सामना कर रहे हैं.

बढ़ता कर्ज और राजकोषीय दबाव

महाराष्ट्र की वित्तीय स्थिति इस समय कठिन दौर से गुजर रही है. राज्य पर कुल कर्ज 9.5 लाख करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान है. राजस्व संग्रह और बढ़ते खर्च के बीच का अंतर सरकार के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है. इसके अलावा, राजकोषीय घाटा भी निर्धारित 3% की सीमा से थोड़ा ऊपर निकल गया है.

सत्र की मुख्य विशेषताएं

सत्र की शुरुआत सोमवार सुबह 11 बजे दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राज्यपाल आचार्य देवव्रत के अभिभाषण से होगी. इस बार राज्यपाल के अनुरोध पर पारंपरिक औपचारिकताओं और प्रोटोकॉल में कटौती की गई है. सुरक्षा और सादगी को देखते हुए आगंतुकों के पास (Visitor Passes) वितरित नहीं किए गए हैं.

6 मार्च को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे, जबकि मंत्री आशीष जायसवाल इसे विधान परिषद के पटल पर रखेंगे.

राज्यसभा चुनाव और राजनीतिक समीकरण

यह सत्र नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (दिवंगत अजित पवार की पत्नी) के लिए भी पहला सत्र होगा. इसके अतिरिक्त, बजट सत्र के दौरान ही राज्यसभा की सात सीटों के लिए चुनाव भी संपन्न कराए जाएंगे, जिससे सदन की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के आसार हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 22, 2026 10:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).