Mirzapur Rabies Case: कुत्ते के काटने के 4 महीने बाद किशोर में दिखे रेबीज के लक्षण, पानी से डर और कुत्ते जैसी आवाजें निकालने लगा

Mirzapur Rabies Case News: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां कछवा इलाके के एक 14 वर्षीय किशोर में कुत्ते के काटने के करीब चार महीने बाद रेबीज के गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे. बताया जा रहा है कि किशोर को पानी से डर लगने लगा और वह कुत्ते जैसी आवाजें भी निकालने लगा, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. World Rabies Day 2025: किन-किन पशुओं के काटने से फैलता है रेबीज रोग? जानें विश्व रेबीज दिवस का इतिहास, उद्देश्य और रेबीज से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैक्ट्स!

मिली जानकारी के अनुसार किशोर की पहचान करण के रूप में हुई है, जो एक स्थानीय पुजारी का बेटा है. परिवार के अनुसार उसे पिछले साल के आखिर में एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था. हालांकि उस समय उसने यह बात अपने माता-पिता को नहीं बताई, जिसके कारण समय पर इलाज और एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं लग पाई.

करीब चार महीने बाद अचानक किशोर में रेबीज के गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे. उसे पानी से डर लगने लगा, बेचैनी होने लगी और वह असामान्य व्यवहार करने लगा. परिवार ने तुरंत उसे कछवा के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद रेबीज के लक्षण होने की पुष्टि की.

रेबीज के लक्षण देर से भी आ सकते हैं

डॉक्टरों के मुताबिक रेबीज वायरस शरीर की नसों के जरिए धीरे-धीरे दिमाग तक पहुंचता है. इस वजह से इसके लक्षण कई बार कुछ हफ्तों से लेकर कई महीनों बाद तक दिखाई दे सकते हैं. काटने की जगह और वायरस की मात्रा के आधार पर इसकी इनक्यूबेशन अवधि अलग-अलग हो सकती है.

इस मामले में चार महीने तक कोई लक्षण नहीं दिखने के कारण परिवार को यह लगा कि खतरा टल गया है. लेकिन जैसे ही वायरस दिमाग तक पहुंचा, किशोर में गंभीर न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई देने लगे. 

किशोर को रेबीज हो गया और कुत्ते के काटने के 4 महीने बाद उसका व्यवहार कुत्ते जैसा हो गया:

डॉक्टरों ने शुरू की देखभाल

स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने तुरंत रेबीज के लक्षण पहचान लिए. डॉक्टरों के अनुसार एक बार रेबीज के लक्षण सामने आने के बाद इस बीमारी का इलाज लगभग असंभव हो जाता है. ऐसे में फिलहाल डॉक्टर मरीज को आराम देने और उसकी देखभाल पर ध्यान दे रहे हैं.

मिर्जापुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सलाह दी है कि जिन लोगों का संपर्क किशोर के लार या घाव से हुआ हो, वे एहतियात के तौर पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवा लें.

कुत्ते के काटने पर तुरंत कराएं इलाज

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रेबीज एक गंभीर लेकिन वैक्सीन से रोकी जा सकने वाली बीमारी है. अगर किसी व्यक्ति को कुत्ता या अन्य जानवर काट ले, तो सबसे पहले घाव को कम से कम 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए. इसके बाद तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना जरूरी होता है.

डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय पर टीका लग जाए तो इस जानलेवा बीमारी से बचाव संभव है. लेकिन लापरवाही करने पर यह संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है.