Ebola Virus Alert: कांगो और युगांडा में तेजी से फैल रहा इबोला वायरस, मौतों के बढ़ते आंकड़ों से दुनिया में बढ़ी चिंता; WHO ने लोगों को किया सतर्क
(Photo Credits FarakDhar)

Ebola Virus Alert:   दुनिया भर में एक बार फिर किसी नए स्वास्थ्य संकट को लेकर  हड़कंप मचा हुआ है. दावा किया जा रहा है कि अफ्रीकी देश कांगो और युगांडा में इबोला वायरस या किसी अज्ञात बीमारी के प्रकोप से 80 से अधिक लोगों की जान चली गई है, जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 'ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी' (वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल) घोषित कर दी है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों और नवीनतम आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, डब्ल्यूएचओ ने पिछले 48 घंटों में ऐसी किसी भी नई ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा नहीं की है

क्या है 'ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी' और WHO की भूमिका?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) दुनिया भर में उभरने वाले विभिन्न स्वास्थ्य खतरों, महामारियों और संक्रामक रोगों की लगातार निगरानी और मूल्यांकन करता है. जब कोई बीमारी इतनी गंभीर हो जाती है कि वह अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर अन्य देशों में फैलने का जोखिम पैदा करती है, तब डब्ल्यूएचओ द्वारा 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न' (PHEIC) या सामान्य भाषा में 'ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी' लागू की जाती है. यह भी पढ़े:  China New Virus Outbreak: कोरोना के 5 साल बाद चीन में अब नए वायरस ने मचाई तबाही, दहशत के बीच अस्पतालों में लगी भीड़

यह घोषणा सभी सदस्य देशों को हाई अलर्ट पर लाने और एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा प्रतिक्रिया (मेडिकल रिस्पांस) तैयार करने के लिए की जाती है. इतिहास में इबोला (Ebola), ज़िका (Zika) और कोविड-19 (COVID-19) जैसी भीषण महामारियों के समय ही ऐसी असाधारण आपात स्थिति घोषित की गई थी.

वर्तमान स्थिति और जमीनी सच्चाई

वर्तमान स्थिति की बात करें तो कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और युगांडा जैसे देश ऐतिहासिक रूप से इबोला और अन्य वायरल रक्तस्रावी बुखार (Hemorrhagic Fevers) के प्रति संवेदनशील रहे हैं. इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य एजेंसियां और डब्ल्यूएचओ की टीमें हमेशा सक्रिय रहती हैं और नियमित रूप से मामलों की ट्रैकिंग करती हैं.

लेकिन हालिया दिनों में 80 मौतों से मचे कथित हड़कंप और वैश्विक आपातकाल की खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं. डब्ल्यूएचओ अपनी आधिकारिक वेबसाइट और प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से ही इतनी बड़ी घोषणाएं सार्वजनिक करता है, जहां वर्तमान में ऐसी कोई भी चेतावनी दर्ज नहीं है. संगठन के अनुसार, अफ्रीका के इन हिस्सों में स्थिति नियंत्रण में है और यह रूटीन सर्विलांस (नियमित निगरानी) का हिस्सा है.

 स्वास्थ्य अधिकारियों की अपील

वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है, जिसके कारण अक्सर इस तरह की संवेदनशील खबरें बिना तथ्यों की जांच किए तेजी से फैल जाती हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों और विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि वे महामारी या वायरस से जुड़ी किसी भी सूचना पर तब तक विश्वास न करें, जब तक कि वह स्वास्थ्य मंत्रालय या डब्ल्यूएचओ जैसे विश्वसनीय स्रोतों द्वारा सत्यापित न की गई हो. अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार वैश्विक परिदृश्य पर नजर रख रही हैं और किसी भी वास्तविक खतरे की स्थिति में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं.