Maharashtra Women Missing Report: महाराष्ट्र में महिला सुरक्षा पर चिंता, 2 वर्षों में 93,940 महिलाएं लापता; 67 हजार से अधिक को पुलिस ने ढूंढा
Representative Image of Maharashtra Vidhan Sabha (Photo: ANI)

Maharashtra Women Missing Report: महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में राज्य में महिलाओं और बच्चों के लापता होने के गंभीर आंकड़े पेश किए. गृह विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 और 2025 के दौरान कुल 93,940 महिलाएं लापता हुईं. हालांकि, राहत की बात यह है कि पुलिस के विशेष अभियानों के जरिए इनमें से 67,458 महिलाओं को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला गया है.

फडणवीस ने सदन में पेश किया डेटा

मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में एक तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में यह विस्तृत डेटा प्रस्तुत किया. आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि लापता होने वाली महिलाओं की संख्या में 2024 की तुलना में 2025 में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह भी पढ़े: Delhi Missing News: दिल्ली में लापता होने के डराने वाले आंकड़े, 2026 में 15 दिनों में 807 लोग गायब; महिलाओं-बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा

लापता और बरामदगी के आधिकारिक आंकड़े

सरकार द्वारा सदन में रखे गए आंकड़ों के अनुसार:

  • वर्ष 2024: इस साल कुल 45,662 महिलाएं लापता हुईं, जिनमें से 30,877 का पता लगा लिया गया.

  • वर्ष 2025: इस साल लापता महिलाओं की संख्या बढ़कर 48,278 हो गई, जिनमें से अब तक 36,581 को ढूंढ लिया गया है.

नाबालिग लड़कियों के मामले में भी स्थिति चिंताजनक रही. साल 2024 में 11,313 और 2025 में 12,113 नाबालिग लड़कियां लापता हुईं. पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए इनमें से क्रमशः 8,475 और 10,295 लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया है.

'ऑपरेशन मुस्कान' की बड़ी सफलता

लापता बच्चों और महिलाओं को उनके परिवारों से मिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मुस्कान' के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. सरकार ने बताया कि जुलाई 2015 से दिसंबर 2024 के बीच कुल 13 चरणों में इस अभियान को चलाया गया, जिसके तहत 41,193 नाबालिगों को ढूंढा गया.

वर्तमान में इस अभियान का 14वां चरण जारी है. 16 फरवरी 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, इस चरण में 1,401 नाबालिगों (454 लड़के और 947 लड़कियां) को ढूंढ निकाला गया है.

किशोरियों की बरामदगी दर 96 प्रतिशत

मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे बड़े शहरों से 15 से 18 वर्ष की आयु के 4,989 किशोर लापता हुए थे. सरकार ने संतोष व्यक्त किया कि इनमें से 4,813 (करीब 96 प्रतिशत) को ढूंढ लिया गया है. 20 जनवरी से 20 फरवरी 2026 तक एक विशेष अभियान चलाकर लापता महिलाओं और बच्चों को उनके घरों तक पहुँचाने का कार्य किया गया है.

सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कड़े कदम

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:

  1. एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल: रेलवे इकाइयों को छोड़कर सभी पुलिस डिवीजनों में मानव तस्करी विरोधी सेल (AHTC) गठित किए गए हैं.

  2. स्कूल सुरक्षा ऑडिट: सभी स्कूलों को सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाई जा सके.

  3. पुलिस काका और पुलिस दीदी: उत्पीड़न रोकने और बच्चों में सुरक्षा की भावना जगाने के लिए इन पहलों के जरिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं.

सरकार ने सदन को आश्वस्त किया कि पुलिस विभाग लापता व्यक्तियों के मामलों को उच्च प्राथमिकता दे रहा है और डिजिटल ट्रैकिंग व सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए बरामदगी दर को और बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है.