Wholesale Inflation: भारत में बढ़ी थोक महंगाई, फरवरी में दर उछलकर 2.13% हुई; मैन्युफैक्चरिंग और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी
प्रतीकात्मक तस्वीर (File Image)

नई दिल्ली: भारत में थोक महंगाई (Wholesale Inflation) की रफ्तार एक बार फिर तेज होती दिख रही है. सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 में थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) (WPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 2.13% दर्ज की गई है. यह पिछले महीने यानी जनवरी के 1.81% के मुकाबले एक महत्वपूर्ण वृद्धि है. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र और खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने इस सूचकांक को ऊपर धकेलने में मुख्य भूमिका निभाई है. यह भी पढ़ें: India’s Retail Inflation 2025: फरवरी में घटी खुदरा महंगाई दर! दालों और सब्जियों के दाम घटने से CPI 3.61% पर पहुंची, पढ़ें पूरी डिटेल

इन क्षेत्रों में देखी गई सबसे ज्यादा तेजी

मंत्रालय के अनुसार, फरवरी में थोक महंगाई बढ़ने का प्राथमिक कारण बुनियादी धातुओं (Basic Metals), टेक्सटाइल, गैर-खाद्य वस्तुओं और अन्य विनिर्माण उत्पादों की कीमतों में हुआ इजाफा है. मासिक आधार पर देखें तो जनवरी 2026 की तुलना में फरवरी में थोक कीमतों में 0.25% की वृद्धि दर्ज की गई. विशेष रूप से 'WPI फूड इंडेक्स' पर आधारित महंगाई दर फरवरी में बढ़कर 1.85% हो गई है.

खुदरा महंगाई का ताजा हाल

पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में भारत की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) या खुदरा महंगाई दर 3.21% रही. ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 3.37% और शहरी क्षेत्रों में 3.02% दर्ज की गई. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के बयान के मुताबिक, पिछले साल (फरवरी 2025) की तुलना में हेडलाइन मुद्रास्फीति में 47 बेसिस पॉइंट की वृद्धि हुई है.

सब्जियों के दाम में मिली राहत

महंगाई के सामान्य बढ़ते रुझान के बीच आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर यह रही कि सब्जियों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. जनवरी 2026 के मुकाबले फरवरी में टमाटर, मटर और फूलगोभी के सूचकांक में 10% से अधिक की कमी देखी गई है. वहीं, अखिल भारतीय उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) पर आधारित खाद्य महंगाई दर फरवरी 2026 में 3.47% (अनंतिम) रही. यह भी पढ़ें: LPG Row: संसद में एलपीजी और ईंधन की कमी पर संग्राम, विपक्ष ने लगाया किल्लत और महंगाई का आरोप, सत्ता पक्ष ने कहा- 'घबराने की जरूरत नहीं'

इन राज्यों में महंगाई सबसे ज्यादा

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश के कुछ राज्यों में महंगाई का असर दूसरों की तुलना में अधिक रहा. 50 लाख से अधिक आबादी वाले शीर्ष पांच राज्य जहां फरवरी 2026 में सबसे अधिक महंगाई दर्ज की गई, वे हैं:

  1. तेलंगाना
  2. राजस्थान
  3. केरल
  4. आंध्र प्रदेश
  5. पश्चिम बंगाल

महत्वपूर्ण जानकारी: उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) हर महीने की 14 तारीख को थोक मूल्य सूचकांक जारी करता है. यह डेटा देश भर के चुनिंदा विनिर्माण इकाइयों और संस्थागत स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर संकलित किया जाता है.