Operation Sindoor: 'जिन्होंने हमें मारा, हमने उन्हें मारा', ऑपरेशन सिंदूर पर राजनाथ सिंह ने हनुमान जी को किया याद
भारत ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि जब उसकी सरहदों पर हमला होता है या उसके निर्दोष नागरिकों की जान ली जाती है, तो वह चुप नहीं बैठता, बल्कि ठोस और सटीक जवाब देता है.
नई दिल्ली: भारत ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि जब उसकी सरहदों पर हमला होता है या उसके निर्दोष नागरिकों की जान ली जाती है, तो वह चुप नहीं बैठता, बल्कि ठोस और सटीक जवाब देता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर भारतीय सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह हमला केवल उन पर किया गया जिन्होंने निर्दोषों की हत्या की. राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि "नैतिक उत्तरदायित्व के साथ किया गया हमला" बताया.
उन्होंने भगवान हनुमान के शब्दों का हवाला देते हुए कहा, "जिन मोहि मारा, तिन मोहि मारे." यानी हमने केवल उन्हीं को निशाना बनाया जिन्होंने हमारे निर्दोषों को मारा. यह बात दर्शाती है कि भारत ने न सिर्फ रणनीतिक चतुराई दिखाई, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि कोई नागरिक इलाका या मासूम लोग प्रभावित न हों.
ऑपरेशन सिंदूर बोले राजनाथ सिंह
#WATCH | Delhi: Defence Minister Rajnath Singh says, "Under the leadership of PM Narendra Modi, our armed forces launched #OperationSindoor and destroyed training camps for terrorists, giving a befitting reply this time too, just like it did earlier. To give a reply for the… pic.twitter.com/NGk8BE5Gqs
— ANI (@ANI) May 7, 2025
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की तुलना हनुमान जी के अशोक वाटिका में किए गए अभियान से की. उन्होंने कहा कि जैसे हनुमान जी ने सिर्फ राक्षसी ढांचे को नष्ट किया, वैसे ही भारत ने आतंक का ढांचा नष्ट किया.
‘सटीकता, सतर्कता और संवेदनशीलता’
रक्षा मंत्री ने बताया कि इस ऑपरेशन को पूरी सटीकता और योजना के साथ अंजाम दिया गया. उन्होंने सेना के साहस को सलाम करते हुए कहा, "भारतीय सेनाओं ने बीती रात एक नया इतिहास रचा है. लक्ष्यों को पूरी सटीकता से ध्वस्त किया गया है." उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस अभियान में एहतियात और करुणा का जो स्तर देखा गया, वह काबिल-ए-तारीफ है.
आतंक का मनोबल तोड़ने की रणनीति
राजनाथ सिंह ने साफ किया कि यह ऑपरेशन एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य था: आतंकियों के मनोबल को तोड़ना, केवल उनके अड्डों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना और इसमें कोई भी गैर-सैन्य या नागरिक स्थान प्रभावित न हो. यह भारत का "सुनियोजित और संतुलित जवाब" था, विशेषकर हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद.
प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन, सेना की पीठ थपथपाई
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी पूरी ताकत से सेना के साथ खड़े होने ने ऑपरेशन सिंदूर को संभव बनाया. उन्होंने कहा, "एक बार फिर हमारे जवानों ने आतंक के खिलाफ ठोस और उपयुक्त जवाब दिया है. यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संभव हुआ."
नयी मिसाल, नया संदेश
ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकियों को उनकी करतूतों का जवाब दिया है, बल्कि दुनिया को भी यह संदेश दिया है कि भारत अब चुप नहीं बैठता. यह कार्रवाई दिखाती है कि भारतीय सेना न सिर्फ ताकतवर है, बल्कि जिम्मेदार भी है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2025 05:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

