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'आतंकियों ने रेप किया, हमें नवजात बच्चों का मांस खिलाया', गाजा से रिहा महिला कैदी ने बताई ISIS की खौफनाक सच्चाई

फवज़िया आमीन सिदो ने गाजा से रिहा होने के बाद ISIS की क्रूरता के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसमें बलात्कार और नवजात बच्चों का मांस खाने का खौफनाक सच शामिल है. कैद के दौरान, उन्हें मांस का सेवन करने के बाद बताया गया कि यह बच्चों का है, जिससे वे मानसिक आघात का सामना कर रही हैं.

'आतंकियों ने रेप किया, हमें नवजात बच्चों का मांस खिलाया', गाजा से रिहा महिला कैदी ने बताई ISIS की खौफनाक सच्चाई

हाल ही में गाजा से इजरायली रक्षा बलों (IDF) और अमेरिकी दूतावास की मदद से रिहा हुई यजीदी महिला फवज़िया आमीन सिदो ने ISIS द्वारा किए गए जघन्य अपराधों का खुलासा किया. एक ब्रिटिश डॉक्यूमेंट्री निर्माता एलन डंकन के साथ बातचीत में, सिदो ने अपनी भयानक कैद के अनुभवों के बारे में बताया, जिसमें उन्हें ड्रग देकर बलात्कार किया गया और उन्हें नवजात बच्चों का मांस खाने के लिए मजबूर किया गया.

कैद का डरावना अनुभव 

फवज़िया, जो अब 21 वर्ष की हैं, जब सिर्फ 11 साल की थीं तब उन्हें अपहरण कर लिया गया. वह उन हजारों यजीदी लोगों में से एक हैं, जिन्होंने ISIS के हाथों भयंकर दर्द सहा. अनुमान के अनुसार, 5000 यजीदियों को मारा गया और 10,000 से अधिक को बंधक बनाया गया.

सिदो ने बताया कि कैद में उन्हें जो खाना दिया गया, उसे खाने के बाद वे बीमार महसूस करने लगीं. तब ISIS के सदस्यों ने बताया कि वे पकाए हुए बच्चों का मांस खा रही थीं. उन्होंने कहा, "वे चावल और मांस पकाते थे और हमें देते थे. हम भूखे थे, इसलिए हम जो भी टेबल पर था, उसे खा लेते थे. लेकिन हमें पता था कि कुछ गलत है क्योंकि इसका स्वाद अजीब था."

नर्क जैसे हालात 

सिदो ने बताया कि उन्हें एक अंधेरे अंडरग्राउंड जेल में नौ महीने तक रखा गया. "हम पूरे समय अंधेरे में थे. हमें कभी सूरज की रोशनी नहीं मिली. हम एक जेल में थे, हमें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी. हमें गंदा पानी पीना पड़ता था, कुछ बच्चे मर गए. यह बहुत कठिन समय था."

उनका कहना था कि ISIS के पुरुषों ने अगर किसी लड़की को पसंद किया, तो वे उन्हें अपने साथ ले जाते थे. फवज़िया ने बताया कि उन्होंने ISIS के लड़ाकों द्वारा पांच बार खरीदी और बेची गईं.

यौन शोषण का सामना 

सिदो ने बताया कि सबसे हालिया खरीदार एक फलस्तीनी ISIS मिलिशिया था जिसने उन्हें ड्रग देकर बलात्कार किया. "शुरुआत में, मैं बाथरूम में छिप जाती थी जब तक वह सो नहीं जाता क्योंकि मुझे नहीं पता था कि वह मुझसे क्या चाहता था. मैं डरी हुई थी. एक दिन उसने मुझे ड्रग दिया और मैं सो गई और उसने मुझसे बलात्कार किया."

फवज़िया आमीन सिदो की कहानी न केवल ISIS की क्रूरता की एक झलक पेश करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ऐसे जघन्य अपराधों का शिकार होना केवल उन पीड़ितों की गलती नहीं है. यह हमें याद दिलाता है कि मानवता के खिलाफ किए गए अपराधों के खिलाफ खड़े होना और पीड़ितों की आवाज़ सुनना कितना महत्वपूर्ण है. ऐसे अनुभवों को साझा करना न केवल जागरूकता बढ़ाता है, बल्कि हमें एक बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 20, 2024 09:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).