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यूरोप के इस देश में नाचने पर जुर्माना लगता है

बाल्टिक सागर किनारे रेत का किला बनाना हो या रविवार को खरीदारी करना, जर्मनी के अजीबोगरीब कानून आपको मुसीबत में डाल सकते हैं.

यूरोप के इस देश में नाचने पर जुर्माना लगता है
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

बाल्टिक सागर किनारे रेत का किला बनाना हो या रविवार को खरीदारी करना, जर्मनी के अजीबोगरीब कानून आपको मुसीबत में डाल सकते हैं.दूसरे देशों के मुकाबले जर्मनी वैसे तो काफी खुले विचारों का देश नजर आता है. खुले में सिगरेट पीना हो या सार्वजनिक जगहों में बिना कपड़ों के खुले में बैठना या फिर 16 साल की उम्र में बियर पीना सब दूसरे देशों में गैर-कानूनी हो सकता है लेकिन जर्मनी में इसकी पूरी छूट है. हालांकि कई नियम ऐसे हैं जो बाकी देशों के लोगों को अटपटा लग सकता है. जर्मनी में इनके लिए भारी जुर्माना देना पड़ सकता है.

गुड फ्राइडे पर डांस और फिल्मों पर रोक

जर्मनी के 16 राज्यों में से ज्यादातर में गुड फ्राइडे को "साइलेंट पब्लिक हॉलीडे” माना जाता है. मध्ययुग से ही इस दिन डांस करना मना है. हालांकि, राजधानी बर्लिन में इस "तांस फरबोट” (डांस पर रोक) को लेकर रवैया थोड़ा उदार है. यहां गुड फ्राइडे को सुबह 4 बजे से रात 9 बजे तक ही यह रोक लागू रहती है. दक्षिणी, कैथोलिक राज्य बवेरिया में यह पाबंदी गुरुवार से शनिवार तक यानी पूरे 70 घंटे चलती है. इस कानून को तोड़ने वालों पर €10,000 (लगभग ₹10 लाख) तक का जुर्माना लग सकता है.

इस धार्मिक दिन पर शांति बनाए रखने के लिए शोरगुल वाली दूसरी गतिविधियां भी मना है, जैसे कार धोना या घर बदलना.

इस दौरान, जर्मनी के अलग-अलग राज्यों में करीब 700 फिल्मों पर भी रोक लगाई गई है. "पब्लिक हॉलीडे इंडेक्स” में "घोस्टबस्टर्स”, 1975 की कार्टून क्लासिक "हाइडी” और मोंटी पाइथन की 1979 में आई धार्मिक व्यंग्य फिल्म "लाइफ ऑफ ब्रायन” शामिल हैं.

हालांकि, जर्मन लोग ईस्टर के दौरान डांस करने की मांग लगातार करते आ रहे हैं और इस बैन के खिलाफ कई प्रदर्शन भी होते रहते हैं. 2013 में ये प्रदर्शन इस हद तक पहुंच गए थे कि पश्चिमी जर्मनी नॉर्थ राइन-वेस्टफालिया राज्य के बोखुम शहर में इस नियम के विरोध में "लाइफ ऑफ ब्रायन” की पब्लिक स्क्रीनिंग आयोजित की गई थी.

रात में मशरूम और दिन में जंगली लहसुन तोड़ने पर रोक

जर्मनी में रात के समय जंगल से मशरूम तोड़ना गैरकानूनी है. यह नियम इसलिए ताकि रात में जंगली जानवरों को परेशानी ना हो. ऐसे ही पेस्टो सॉस या सूप बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले जंगली लहसुन को भी जड़ों सहित निकालना मना है. इसकी वजह यह है कि नम, छायादार जंगलों और बाढ़ग्रस्त इलाकों में जहरीले पौधों, लिली ऑफ द वैली को जंगली लहसुन समझ कर तोड़ा जासकता है.

निजी उपयोग के लिए इस्तेमाल होने वाले जंगली लहसुन की पत्तियों को तो जर्मनी में आराम से कितनी भी मात्रा में तोडा जा सकता है. लेकिन पौधों को उखाड़ना या संरक्षित इलाकों में पत्तियों को तोड़ना कानूनी तौर पर वर्जित है.

बाल्टिक सागर के किनारे रेत के किले बनाने की मनाही

जर्मनी के नॉर्थ-सी और बाल्टिक सागर के किनारे छुट्टी मनाने वाले कई द्वीपों पर बच्चों का रेत के किले बनाना मना है. छुट्टियों में समुद्र किनारे बच्चे तैर तो सकते हैं, लेकिन रेत के किले बनाने या गहरे गड्ढे खोदने पर लगभग €1,000 (यानी एक लाख) का जुर्माना लग सकता है.

इन द्वीपों पर रेत के किले बनाने पर पाबंदी की एक ठोस वजह यह है कि रेत खोदकर इधर-उधर करने से समुद्र तट का कटाव (बीच इरोशन) हो सकता है.

हालांकि, बाल्टिक सागर के रयूगेन द्वीप के बिन्ज और सेलिन रिसॉर्ट्स में रेत के किले बनाने की अनुमति है, लेकिन शर्त यह है कि उनकी ऊंचाई 30 सेंटीमीटर (11.8 इंच) और परिधि 3.5 मीटर (11.5 फीट) से अधिक नहीं होनी चाहिए.

संडे को नहीं कर सकते शॉपिंग या गार्डन की कटाई

जर्मनी में रविवार को घास काटने की मशीन या कोई भी पावर टूल चलाने पर हो सकता है कि पड़ोसी नाराज हो जाएं और पुलिस को शिकायत कर दे.

यहां, रविवार के रूहेसाइट (यानी शांत समय) का पालन काफी सख्ती से किया जाता है. ऐसे में रविवार या किसी भी पब्लिक हॉलीडे पर लॉन काटने की मशीन समेत किसी भी मोटर वाले औजार का इस्तेमाल करना मना है. इसका पालन नहीं करने वालों पर भारी जुर्माना लग सकता है.

रविवार की यह शांति सड़कों तक फैली होती है. लाडेनश्लुसगेजेत्स (दुकान बंदी कानून) नाम का एक जर्मन कानून 1956 से लागू है, जिसके तहत रविवार या पब्लिक हॉलीडे पर दुकान खोलना मना है. हालांकि, 2006 से राज्यों को अपना नियम बनाने की छूट मिली है, लेकिन अब भी ज्यादातर जगहों पर रविवार को खरीदारी नहीं की जा सकती. साल में केवल कुछ गिने-चुने खास रविवारों और कुछ चुनिंदा दुकानों पर यह संभव हो सकता है.

ऑटोबान पर नहीं खत्म होना चाहिए गाड़ी में तेल

जर्मन ऑटोबान यानी एक्सप्रेस हाईवे पर गाड़ी में तेल खत्म होना भी एक तरह का अपराध है.गाड़ियों के शौकीन जर्मनी में अगर कोई ड्राइवर ऑटोबान पर निकलने से पहले अपनी टंकी ठीक से नहीं भरता है, तो उसे लापरवाह माना जाता है. ऐसा करने पर वह ना केवल खुद को बल्कि दूसरों को भी खतरे में डालता है, इसलिए उस पर जुर्माना लग सकता है क्योंकि जर्मन ऑटोबान पर गाड़ियां बिना किसी स्पीड लिमिट के बहुत तेजी से दौड़ती हैं.

ऑटोबान पर सिर्फ किसी इमरजेंसी में ही गाड़ी रोकी जा सकती है वो भी निर्धारित जगह पर.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 13, 2025 09:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).