Earthquake in Philippines: फिलीपीन सागर में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 6.2 रही तीव्रता, प्रशासन के लिए बड़ी राहत, सुनामी का खतरा नहीं
फिलीपीन सागर में बुधवार को 6.2 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से 85 किमी गहराई में था. हालांकि, फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान या सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है.
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Earthquake in Philippines: फिलीपीन सागर में बुधवार, 7 जनवरी 2026 को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई. भारतीय समय के अनुसार यह भूकंप सुबह करीब 8:33 बजे आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भूकंप का केंद्र 85 किलोमीटर की गहराई में स्थित था.
भूकंप का केंद्र और स्थिति
एनसीएस के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का सटीक स्थान फिलीपीन सागर में अक्षांश 7.27 N और देशांतर 126.87 E पर दर्ज किया गया. फिलीपीन सागर प्रशांत महासागर का एक विशाल हिस्सा है, जो फिलीपींस के पूर्व में स्थित है. हालांकि इसका केंद्र समुद्र में काफी गहराई में था, लेकिन इसके कंपन फिलीपींस के तटीय इलाकों और आसपास के द्वीपों पर भी महसूस किए गए. यह भी पढ़े: Earthquake in Japan: जापान के शिमाने प्रांत में 6.2 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा नहीं, जानें ताजा स्थिति
जान-माल के नुकसान की खबर नहीं
स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, भूकंप के कारण तत्काल किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है. झटके महसूस होने के बाद तटीय क्षेत्रों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल जरूर देखा गया, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान डेटा के आधार पर सुनामी का कोई खतरा नहीं है.
'रिंग ऑफ फायर' में स्थित है फिलीपींस
फिलीपींस भौगोलिक रूप से 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' (Pacific Ring of Fire) में स्थित है. यह दुनिया का सबसे सक्रिय टेक्टोनिक बेल्ट है, जहां ज्वालामुखीय चाप और समुद्री खाइयां मौजूद हैं। भूवैज्ञानिकों के अनुसार, फिलीपींस यूरेशियन प्लेट और फिलीपीन सागर प्लेट की सीमा पर स्थित है। ये दोनों विशाल प्लेटें लगातार एक-दूसरे पर दबाव बना रही हैं, जिससे इस क्षेत्र में भूकंप आना एक सामान्य प्रक्रिया है.
विशेषज्ञों की राय
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जियोलॉजिकल साइंसेज के विशेषज्ञों का कहना है कि जब समुद्र के नीचे फॉल्ट लाइनों में हलचल होती है, तो यह पानी के स्तंभ को विस्थापित कर सकती है, जिससे सुनामी का खतरा पैदा होता है। हालांकि, 85 किमी की गहराई पर आने वाले भूकंप अक्सर सुनामी पैदा करने के लिहाज से काफी गहरे माने जाते हैं। फिर भी, तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 07, 2026 06:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

