Earthquake in Japan: जापान के शिमाने प्रांत में 6.2 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा नहीं, जानें ताजा स्थिति
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

टोक्यो: जापान (Japan) के पश्चिमी हिस्से में स्थित शिमाने प्रांत (Shimane Prefecture) में मंगलवार, 6 जनवरी 2026 की सुबह भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किए गए. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (Japan Meteorological Agency) (JMA) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 6.2 मापी गई है. भूकंप का केंद्र शिमाने प्रांत के पूर्वी क्षेत्र में जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था. स्थानीय समयानुसार सुबह 10:18 बजे आए इस भूकंप ने कई शहरों को हिलाकर रख दिया. इसके ठीक 10 मिनट बाद, सुबह 10:28 बजे 5.1 तीव्रता का एक और झटका (आफ्टरशॉक) महसूस किया गया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया. यह भी पढ़ें: Bangladesh Earthquake: भूकंप से भारी तबाही: बांग्लादेश में 32 घंटे के अंदर 4 बार कांपी धरती, 10 लोगों की मौत

सुनामी का खतरा नहीं, प्रशासन अलर्ट पर

भूकंप के तुरंत बाद जापानी अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया. मौसम विज्ञान एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इस भूकंप से सुनामी (No Tsunami) का कोई खतरा नहीं है. हालांकि, तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

शिमाने शहर के मात्सुए और तोत्तोरी के साकाईमिनातो में भूकंप की तीव्रता जापानी 'शिंदो' स्केल पर 'अपर-5' दर्ज की गई. इस तीव्रता के भूकंप में इमारतों के हिलने और भारी फर्नीचर के गिरने की संभावना बनी रहती है.

जापान के शिमाने प्रांत में 6.2 तीव्रता का भूकंप

परमाणु संयंत्र और परिवहन पर असर

भूकंप के केंद्र से महज 32 किलोमीटर दूर स्थित शिमाने परमाणु ऊर्जा संयंत्र को लेकर चिंता जताई गई थी. हालांकि, चिनगोकू इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने पुष्टि की है कि संयंत्र की नंबर 2 यूनिट सामान्य रूप से काम कर रही है और कोई अनियमितता नहीं पाई गई है.

परिवहन सेवाओं की बात करें तो सुरक्षा कारणों से वेस्ट जापान रेलवे ने 'शिनकासेन' बुलेट ट्रेन सेवाओं को शिन-ओसाका और हाकाता के बीच अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. पटरियों की जांच के बाद ही सेवाओं को फिर से शुरू किया जाएगा.

जापान: 'रिंग ऑफ फायर' का हिस्सा

जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप संभावित क्षेत्रों में से एक है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है. यहां हर साल औसतन 1,500 से अधिक भूकंप आते हैं. हाल के हफ्तों में जापान के विभिन्न हिस्सों में भूकंप की सक्रियता बढ़ी है, जिसे देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट पर हैं.