LPG Supply: महाराष्ट्र सरकार का तेल कंपनियों को सख्त निर्देश, गैस बुकिंग ऐप सुधारें; सार्वजनिक संस्थानों को निर्बाध एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करें
महाराष्ट्र सरकार ने तेल कंपनियों को गैस बुकिंग ऐप और मिस्ड कॉल सेवाओं में आ रही तकनीकी खामियों को तुरंत दूर करने का निर्देश दिया है. राज्य सरकार ने आगामी त्योहारों को देखते हुए सार्वजनिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने और शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्णय लिया है.
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मुंबई: महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने शुक्रवार को तेल कंपनियों को एलपीजी (LPG) बुकिंग ऐप (Booking App) और मिस्ड कॉल सेवाओं (Missed Call Services) में आ रही तकनीकी खराबी को तत्काल ठीक करने का निर्देश दिया है. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के निवासियों को बिना किसी परेशानी के अपने गैस सिलेंडर (Gas Cylinder) बुक करने की सुविधा मिले. इसके साथ ही, आगामी धार्मिक त्योहारों और उत्सवों को देखते हुए सरकार ने सार्वजनिक संस्थानों को निर्बाध गैस आपूर्ति देने को प्राथमिकता दी है. यह भी पढ़ें: LPG की किल्लत के डर से देशभर में 'इंडक्शन' की भारी मांग: रसोई गैस के विकल्प के तौर पर इलेक्ट्रिक कुकिंग की ओर बढ़ रहे लोग
शिकायत निवारण के लिए बनेगा कंट्रोल रूम
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि तकनीकी मुद्दों के त्वरित समाधान के लिए राज्य, विभाग, जिला और तालुका स्तर पर विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे. नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिए एक व्हाट्सएप (WhatsApp) सुविधा भी शुरू की जाएगी. आपूर्ति को लेकर जनता में फैल रही घबराहट को रोकने के लिए सरकार ने स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत सदस्यों की मदद लेने के निर्देश दिए हैं.
पुलिस सुरक्षा में होगी गैस सिलेंडरों की ढुलाई
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करते हुए प्रशासन ने गैस एजेंसियों और एलपीजी परिवहन करने वाले वाहनों को आवश्यक पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग को सौंपी है. इससे पहले, पुणे नगर निगम के आयुक्त नवल किशोर राम ने बताया कि शहर के 27 श्मशान घाटों में से 18, जो एलपीजी पर आधारित हैं, उन्हें आपूर्ति में कमी को देखते हुए अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा ताकि गैस की बचत की जा सके.
राहुल गांधी की चेतावनी: 'अभी तो दर्द की शुरुआत है'
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले गंभीर परिणामों को लेकर चेतावनी दी है. राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के वैश्विक और घरेलू स्तर पर दूरगामी प्रभाव होंगे.
उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया की 20% तेल आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है, और इसका बंद होना भारत के लिए चिंताजनक है क्योंकि हमारा बड़ा हिस्सा यहीं से आता है. उन्होंने दावा किया कि एलपीजी की कमी के कारण देश में भोजनालय बंद हो रहे हैं और लोगों में दहशत बढ़ रही है. यह भी पढ़ें: LPG Row: संसद में एलपीजी और ईंधन की कमी पर संग्राम, विपक्ष ने लगाया किल्लत और महंगाई का आरोप, सत्ता पक्ष ने कहा- 'घबराने की जरूरत नहीं'
आपूर्ति श्रृंखला पर युद्ध का असर
ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला आयात फिलहाल काफी हद तक प्रभावित हुआ है. हालांकि, भारतीय जहाजों के लिए राहत की खबर यह है कि ईरानी अधिकारियों ने भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है. इसी क्रम में, बुधवार दोपहर 1 बजे 'शेनलोंग सुएज़मैक्स' नामक टैंकर सऊदी कच्चा तेल लेकर मुंबई बंदरगाह पहुँचा, जो संघर्ष शुरू होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाला भारत का पहला जहाज बना.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 13, 2026 12:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

