ICICI बैंक का यू-टर्न, अब अकाउंट में नहीं रखने पड़ेंगे 50 हजार; देखें नई मिनिमम बैलेंस लिमिट
ICICI बैंक ने हाल ही में अपने नए सेविंग अकाउंट ग्राहकों के लिए मिनिमम बैलेंस की लिमिट को 50,000 रुपये तक बढ़ा दिया था. लेकिन, ग्राहकों की नाराजगी और लगातार विरोध के बाद बैंक ने अब इस नियम में बदलाव करते हुए राहत देने का फैसला किया है.
मुंबई: ICICI बैंक ने हाल ही में अपने नए सेविंग अकाउंट ग्राहकों के लिए मिनिमम बैलेंस की लिमिट को 50,000 रुपये तक बढ़ा दिया था. लेकिन, ग्राहकों की नाराजगी और लगातार विरोध के बाद बैंक ने अब इस नियम में बदलाव करते हुए राहत देने का फैसला किया है. बैंक की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया है कि अब सेविंग अकाउंट के मिनिमम अकाउंट बैलेंस (MAB) के नियम फिर से बदले गए हैं और ग्राहकों को राहत देते हुए मेट्रो और अर्बन इलाकों में यह लिमिट 50,000 रुपये से घटाकर सिर्फ 15,000 रुपये कर दी गई है.
बता दें हाल ही में ICICI Bank ने अपने नियमों में बदलाव करते हुए करते हुए सेविंग अकाउंट में न्यूनतम राशि या मिनिमम एवरेज अमाउंट बैलेंस की लिमिट में जोरदार इजाफा किया था और इसे पहले की तुलना में 5 गुना बढ़ा दिया था. इस बदलाव के बाद खाते में कम से कम 10,000 रुपये नहीं, बल्कि 50,000 रुपये रखने जरूरी कर दिया गया था. बैंक की ओर से साफ किया गया था कि मिनिमम अमाउंट बैलेंस से संबंधित ये चेंज सिर्फ उन अकाउंट पर लागू किए जा रहे हैं, जो इस बदलाव के लागू होने की तारीख से खोले गए हैं. यानी 1 अगस्त से.
नई लिमिट क्या है?
- मेट्रो और अर्बन एरिया: 50,000 से घटाकर 15,000 रुपये
- सेमी-अर्बन एरिया: 25,000 से घटाकर 7,500 रुपये
- रूरल एरिया: 10,000 से घटाकर 2,500 रुपये
इस बदलाव का फायदा केवल 1 अगस्त 2024 के बाद खुले नए अकाउंट धारकों को मिलेगा. 31 जुलाई से पहले खुले खातों पर यह नियम लागू नहीं होगा.
किन्हें मिलेगी छूट?
नई लिमिट सैलरी अकाउंट, पेंशनर्स और सीनियर सिटीजन अकाउंट पर लागू नहीं होगी. साथ ही, फैमिली बैंकिंग अकाउंट होल्डर्स को भी पेनल्टी से छूट दी गई है.
पेनल्टी का नियम वही रहेगा
अगर ग्राहक खाते में तय मिनिमम बैलेंस नहीं रख पाता है, तो पहले की तरह पेनल्टी देनी होगी. यानी, कम बैलेंस का 6 फीसदी या 500 रुपये जो भी कम हो.
क्यों बदला फैसला?
जब ICICI बैंक ने अचानक मिनिमम बैलेंस 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया, तो यह रकम अन्य बैंकों की तुलना में काफी ज्यादा थी. उदाहरण के लिए, SBI ने तो 2020 में ही मिनिमम बैलेंस की शर्त खत्म कर दी थी, जबकि ज्यादातर अन्य बैंकों में यह लिमिट 2,000 रुपये से 10,000 रुपये के बीच है. इस वजह से ग्राहकों का गुस्सा बढ़ा और बैंक को यू-टर्न लेना पड़ा.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 13, 2025 10:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

