Assam Assembly Election 2026: असम की 126 सीटों पर एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान, 4 मई को घोषित होंगे नतीजें
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Assam assembly election 2026:  चुनाव आयोग ने रविवार को देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है. मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में चुनाव की तारीखों की घोषणा की. असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को सामने आएंगे.

सीईसी ज्ञानेश कुमार ने असम चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा करते हुए बताया कि गजट अधिसूचना जारी करने की तारीख 16 मार्च होगी.नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है.नामांकनों की जांच 24 मार्च को होगी। उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च है. मतदान 9 अप्रैल को निर्धारित है। मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव प्रक्रिया 6 मई से पहले पूरी करनी है.  यह भी पढ़े:  Assembly Elections 2026: केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल तो तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान, 4 मई को मतगणना

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आयोग ने व्यापक तैयारियां की हैं. आयोग के अनुसार, असम में करीब 2.5 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे.

सीईसी ने बताया कि आयोग ने पिछले कुछ दिनों में सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा और राजनीतिक दलों, अधिकारियों और मतदाताओं से बातचीत की. आयोग की टीम ने सभी चुनावी राज्यों में जाकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी लिए गए. साथ ही प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, राज्य निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस महानिदेशकों से भी विस्तृत चर्चा की गई.

उन्होंने बताया कि आयोग ने युवाओं और पहली बार मतदान करने जा रहे मतदाताओं से भी संवाद किया। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के काम की भी सराहना की गई। चुनाव के दौरान कुछ विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं. कई स्थानों पर महिलाओं द्वारा संचालित विशेष मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जहां पूरी व्यवस्था महिला कर्मियों द्वारा संभाली जाएगी.

चुनाव आयोग का कहना है कि इस बार भी सभी राज्यों में निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि हर मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.