Maharashtra Day 2026: महाराष्ट्र दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी ने दी बधाई, राज्य की प्रगति और विरासत को सराहा
President Droupadi Murmu, PM Modi

Maharashtra Day 2026: आज 1 मई 2026 को महाराष्ट्र अपना स्थापना दिवस मना रहा है. इस गौरवशाली अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के नागरिकों को बधाई दी है. नेताओं ने छत्रपति शिवाजी महाराज की इस पवित्र भूमि के अदम्य साहस, समाज सुधार की लंबी परंपरा और आधुनिक भारत के निर्माण में महाराष्ट्र की अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया.

राष्ट्रपति ने महापुरुषों के योगदान को किया याद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के माध्यम से राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने अपने संदेश में महाराष्ट्र को देशभक्ति और स्वाभिमान की प्रेरणा स्थली बताया. राष्ट्रपति ने कहा कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि है, जिसने देश को साहस का पाठ पढ़ाया है.  यह भी पढ़े: Bank Holiday Today, May 1: लेबर डे और महाराष्ट्र दिवस पर आज बैंक खुले हैं या बंद? RBI हॉलिडे लिस्ट में जानें पूरा अपडेट

राष्ट्रपति मुर्मू  का पोस्ट

उन्होंने समाज सुधार के क्षेत्र में महाराष्ट्र के महापुरुषों—महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, लोकमान्य तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के योगदान का विशेष उल्लेख किया. राष्ट्रपति ने कामना की कि महाराष्ट्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे और राज्य के सभी निवासियों के जीवन में खुशहाली आए.

प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक और औद्योगिक नेतृत्व को सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महाराष्ट्र दिवस पर राज्य की बहनों और भाइयों को हार्दिक बधाई दी. पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र का इतिहास सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक प्रचुरता और विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व का रहा है.

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि साहित्य, रंगमंच, संगीत और सिनेमा से लेकर उद्योग, शिक्षा, विज्ञान और सार्वजनिक सेवा तक, महाराष्ट्र ने भारत की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया है. उन्होंने राज्य के निरंतर विकास और वहां की महान जनता के कल्याण के लिए प्रार्थना की.

PM मोदी का पोस्ट

महाराष्ट्र दिवस का ऐतिहासिक महत्व

महाराष्ट्र दिवस, जिसे 'महाराष्ट्र दिवस' के रूप में भी जाना जाता है, हर साल 1 मई को मनाया जाता है. यह दिन 1960 में भाषाई आधार पर तत्कालीन 'बॉम्बे' राज्य के विभाजन और महाराष्ट्र राज्य के गठन की याद दिलाता है.

बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम 1 मई 1960 को प्रभावी हुआ था. यह कई आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों का परिणाम था, जिसमें एक अलग मराठी भाषी राज्य की मांग की गई थी. इसी दिन बॉम्बे राज्य को दो अलग राज्यों में विभाजित किया गया था: महाराष्ट्र और गुजरात.

राज्य भर में उत्साह का माहौल

आज के दिन महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और परेड आयोजित की जा रही हैं. यह दिन न केवल राजनीतिक गठन का प्रतीक है, बल्कि यह मराठी संस्कृति, परंपरा और अस्मिता के उत्सव का भी दिन है. सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में ध्वजारोहण के साथ राज्य की उपलब्धियों को याद किया जा रहा है.