मुंबई/गांधीनगर, 30 अप्रैल: आगामी 1 मई 2026 को भारत के दो प्रमुख राज्य, महाराष्ट्र (Maharashtra) और गुजरात (Gujarat), अपना 66वां स्थापना दिवस (66th Foundation Day) मनाने जा रहे हैं. 1 मई 1960 को अस्तित्व में आए ये दोनों राज्य भाषाई आधार पर बॉम्बे राज्य (Bombay State) के विभाजन का परिणाम थे. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तारीख को 'मजदूर दिवस' (Labor Day) के रूप में जाना जाता है, लेकिन भारत के इन दो राज्यों के करोड़ों निवासियों के लिए यह दिन क्षेत्रीय पहचान, सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक संघर्ष के विजय का प्रतीक है. यह भी पढ़ें: Dry Day: 1 मई 2026 को 'ड्राई डे', महाराष्ट्र और दिल्ली में बंद रहेंगी शराब की दुकानें; जानें क्या है कारण
आजादी के बाद का भाषाई संघर्ष
1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सामने प्रशासनिक पुनर्गठन की एक बड़ी चुनौती थी. देशभर में भाषाई और सांस्कृतिक समानताओं के आधार पर राज्यों के गठन की मांग उठने लगी थी. उस समय का 'बॉम्बे राज्य' एक विशाल द्विभाषी इकाई था, जिसमें मराठी और गुजराती बोलने वाली बड़ी आबादी शामिल थी। 1953 में आंध्र प्रदेश के गठन के बाद, बॉम्बे राज्य के भीतर भी पृथक राज्यों की मांग ने जोर पकड़ लिया.
दो आंदोलन, एक लक्ष्य: आत्मनिर्णय की राह
राज्य के गठन की इस यात्रा को दो प्रमुख आंदोलनों ने गति दी:
- संयुक्त महाराष्ट्र समिति (1956): इस आंदोलन का उद्देश्य मराठी भाषी क्षेत्रों को मिलाकर एक अलग राज्य बनाना था, जिसमें मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) को राजधानी के रूप में शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया.
- महागुजरात आंदोलन: इसके समानांतर, गुजराती भाषी आबादी ने सौराष्ट्र और कच्छ सहित अपने सांस्कृतिक क्षेत्रों को एकीकृत कर एक अलग राज्य की मांग की. 1950 के दशक में इस आंदोलन ने गुजराती अस्मिता और प्रशासनिक स्वायत्तता के लिए संघर्ष तेज कर दिया.
बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम 1960
वर्षों के विचार-विमर्श, व्यापक विरोध प्रदर्शनों और विधायी बहसों के बाद, भारत सरकार ने 'बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम 1960' पारित किया. इस कानून ने द्विभाषी बॉम्बे राज्य को दो स्वतंत्र संस्थाओं में विभाजित करने का कानूनी ढांचा प्रदान किया.
1 मई 1960 को आधिकारिक रूप से विभाजन लागू हुआ:
- महाराष्ट्र: मुंबई को राजधानी बनाकर गठित किया गया.
- गुजरात: अहमदाबाद को अपनी प्रारंभिक राजधानी के साथ स्थापित किया गया (बाद में गांधीनगर को राजधानी बनाया गया).
66 वर्षों का गौरवशाली सफर
आज 2026 में, दोनों राज्य अपनी अद्वितीय विकास यात्रा का उत्सव मना रहे हैं. महाराष्ट्र में इस दिन को 'महाराष्ट्र दिन' के रूप में मनाया जाता है, जहां मुंबई के शिवाजी पार्क में आधिकारिक परेड और ध्वजारोहण समारोह होते हैं. वहीं, गुजरात इसे 'गुजरात स्थापना दिवस' या 'गुजरात गौरव दिवस' के रूप में मनाता है, जिसमें राज्य के उद्यमी कौशल और जीवंत इतिहास को प्रदर्शित किया जाता है.
दोनों राज्यों के लिए 1 मई का दिन उन समुदायों के लचीलेपन को सम्मान देने का अवसर है जिन्होंने अपनी पहचान के लिए आवाज उठाई और आज भारत के आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति केंद्र के रूप में अपनी जगह बनाई.











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