New Rules May 1, 2026: LPG, ATM और क्रेडिट कार्ड समेत आज से भारत में बदल गए ये बड़े नियम; जानें आप पर क्या होगा असर
1 मई से नए नियम (Photo Credits: File Image)

New Rules May 1, 2026: मई महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की जेब से जुड़े कई वित्तीय नियमों में बदलाव हो गया है. 1 मई 2026 से लागू होने वाले इन बदलावों का दायरा रसोई गैस की कीमतों से लेकर बैंकिंग सेवाओं और ऑनलाइन गेमिंग तक फैला हुआ है. इन नियमों का सीधा उद्देश्य नियामक ढांचे को मजबूत करना है, हालांकि कुछ सेवाओं के लिए अब उपभोक्ताओं को अधिक शुल्क चुकाना पड़ सकता है.

LPG और ईंधन की कीमतों में संशोधन

हर महीने की पहली तारीख की तरह, तेल विपणन कंपनियों ने आज एलपीजी सिलेंडर की नई दरें घोषित की हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया गया है. इसके साथ ही, एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी संशोधन हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में हवाई सफर के किराए प्रभावित हो सकते हैं. सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) की दरों में भी स्थानीय स्तर पर बदलाव की संभावना है.  यह भी पढ़े:  New Rules From May 1, 2026: बैंकिंग से लेकर रसोई गैस और सैलरी तक, कल से बदल रहे हैं ये जरूरी नियम; आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

ATM से कैश निकालना हुआ महंगा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए निर्देशों के बाद आज से एटीएम इंटरचेंज फीस में बढ़ोतरी लागू हो गई है. अब बैंक द्वारा निर्धारित 'फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट' खत्म होने के बाद ग्राहकों को हर बार नकद निकासी पर 23 रुपये का शुल्क देना होगा. इससे पहले यह शुल्क 21 रुपये था.

नियमों के अनुसार, ग्राहक अपने बैंक के एटीएम से महीने में 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. अन्य बैंकों के एटीएम के मामले में मेट्रो शहरों में 3 और नॉन-मेट्रो शहरों में 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा बरकरार रखी गई है.

SBI क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव

देश के सबसे बड़े कार्ड जारीकर्ता, एसबीआई कार्ड (SBI Card) ने अपने ग्राहकों के लिए बिलिंग और फीस के ढांचे में बदलाव किया है. 1 मई से लेट पेमेंट चार्ज को संशोधित किया गया है. अब 100 से 500 रुपये तक के बकाया पर 100 रुपये और 500 से 1000 रुपये के बकाया पर 500 रुपये का शुल्क देना होगा.

इसके अलावा, 'BPCL SBI क्रेडिट कार्ड' के ग्राहकों के लिए एनुअल फीस रिवर्सल (वार्षिक शुल्क माफी) की सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है. यानी अब सालाना 1 लाख रुपये खर्च करने पर ही वार्षिक शुल्क वापस मिलेगा.

ऑनलाइन गेमिंग के लिए सख्त निगरानी

सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को विनियमित करने के लिए आज से नए नियम लागू कर दिए हैं. इसके तहत एक नई नियामक संस्था का गठन किया गया है जो गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की निगरानी करेगी. अब खेलों को तीन श्रेणियों—मनी गेम्स, सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स में वर्गीकृत किया गया है. पैसे के लेनदेन वाले गेम्स के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और सख्त केवाईसी (KYC) नियम लागू किए गए हैं ताकि यूजर्स के हितों की रक्षा की जा सके.

डिलीवरी सिस्टम में तकनीकी बदलाव

गैस सिलेंडर की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए कंपनियां अब ओटीपी (OTP) आधारित डिलीवरी सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू कर रही हैं. ग्राहकों को अब सिलेंडर लेते समय अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को साझा करना होगा. यह कदम कालाबाजारी रोकने और सही उपभोक्ता तक लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से उठाया गया है.