MSRTC News: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के एसटी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने एसटी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने की घोषणा की है. परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह फैसला लिया गया. इस 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ-साथ सरकार ने एसटी कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित लगभग 100 करोड़ रुपये की वित्तीय थकबाकी (Arrears) को भी जारी करने का निर्णय लिया है.
राज्य कर्मचारियों के बराबर हुआ महंगाई भत्ता
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एसटी कर्मचारी पिछले काफी समय से राज्य सरकार के अन्य कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे थे. अब तक राज्य सरकार के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था, जबकि एसटी कर्मचारियों को केवल 53 प्रतिशत ही दिया जा रहा था. इस विसंगति के कारण कर्मचारियों में काफी असंतोष था. यह भी पढ़े: Maharashtra Students Free ST Bus Passes: महाराष्ट्र सरकार से छात्र भारती संगठन की मांग, प्रदेश के सभी छात्रों को मिले मुफ्त ST बस पास
इस भेदभाव को दूर करने के लिए परिवहन विभाग ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ विस्तृत चर्चा की. सरकार के सकारात्मक रुख के बाद अब एसटी कर्मचारियों के डीए को भी बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके अलावा, परिवहन मंत्री ने बताया कि वह मुख्यमंत्री को एक विशेष ज्ञापन सौंपेंगे, ताकि वित्त विभाग महामंडल के इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को कम करने में सहयोग कर सके.
आंदोलन वापस लेने की अपील और यात्रियों की सुविधा
वेतन और भत्तों की मांगों को लेकर एसटी कर्मचारी यूनियनों द्वारा दिए गए आंदोलन के आह्वान पर परिवहन मंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सभी कर्मचारी संगठनों से अपना आंदोलन तुरंत वापस लेने की भावुक अपील की है.
प्रताप सरनाईक ने कहा कि जब एसटी महामंडल की आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है, ऐसे में कर्मचारियों की सभी न्यायसंगत आर्थिक मांगों को चरणबद्ध तरीके से (टप्प्याटप्प्याने) पूरा किया जाएगा. उन्होंने यूनियनों से आग्रह किया कि वे आम यात्रियों को परेशानी में न डालें, क्योंकि एसटी बसें मुख्य रूप से समाज के सर्वसाधारण वर्ग की सेवा के लिए चलती हैं.
महामंडल की आय बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदम
परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि वित्त विभाग को महामंडल की जरूरतों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए. उन्होंने यह भी बताया कि महामंडल के घाटे को कम करने और राजस्व बढ़ाने के लिए कुछ कड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा रहे हैं.
इसके तहत भारी नुकसान वाले रूटों (बस मार्गों) को बंद करने या उनके फेरे कम करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके विकल्प के रूप में परिवहन निगम अब पर्यटन और धार्मिक स्थलों के लिए विशेष बस सेवाएं शुरू करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिससे निगम की आय में सुधार हो सके. उन्होंने जोर देकर कहा कि महायुति सरकार के भीतर इस कल्याणकारी फैसले को लेकर श्रेय लेने की कोई होड़ नहीं है, बल्कि सभी का ध्यान कर्मचारियों के कल्याण पर है.













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