चेन्नई, 13 अगस्त: मंगलवार, 12 अगस्त को मद्रास उच्च न्यायालय की एक इमारत की पहली मंजिल से एक 14 वर्षीय लड़की ने छलांग लगा दी, जब खंडपीठ ने उसे चेन्नई के केलीज़ स्थित एक सरकारी बाल गृह भेजने का आदेश दिया. यह निर्देश उस समय आया जब अदालत उसके पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी. याचिका में दावा किया गया था कि लड़की अपनी दादी के साथ रह रही थी और उसे वापस पिता की हिरासत में सौंपा जाए. बताया गया है कि लड़की के माता-पिता का तलाक हो चुका है. उसने नीलांकराय में अपने पिता के साथ रहने से इनकार किया और अंडमान में अपनी मां के साथ रहने की इच्छा जाहिर की थी. हालांकि, अदालत ने परामर्शदाता की रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि माँ के साथ रहना लड़की की सुरक्षा के लिए उपयुक्त नहीं होगा. घटना के तुरंत बाद पुलिस ने लड़की को राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है. अदालत ने लड़की और उसके पिता दोनों के लिए विशेष मनोचिकित्सा परामर्श का निर्देश भी दिया है. यह भी पढ़ें: बच्चा कोई निर्जीव वस्तु नहीं जिसे एक पेरेंट्स से दूसरे के पास फेंका जाए; ओडिशा हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

बाल गृह भेजे जाने के आदेश के बाद किशोरी ने मद्रास हाई कोर्ट से छलांग लगा दी

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